हिमाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अगिनहोत्री ने आज यहां सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी में दर्शन कर पूजा अर्चना की। यह मंदिर उनकी कुल देवी का भी है। डिप्टी सीएम अपने कोगडा प्रवास के दौरान बुधवार दोपहर बाद मंदिर में पहुंचे, जहां उनका मंदिर अधिकारी मनोहर लाल शर्मा ने स्वागत किया।
बाद में उन्होंने गर्भगृह में पहुंच कर मुख्य ज्योति के दर्शन कर पूजा अर्चना की। उन्होंने मंदिर की परिक्रमा करने के बाद मंदिर प्रशासन की ओर से उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया।
इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों से परिसर की सुंदरता व स्वच्छता बनाये रखने के लिये उचित व्यवस्था बनाये रखने का निर्देश किया। उन्होंने कहा कि देश दुनिया में अपनी दिव्यता के लिये मशहूर शक्तिपीठ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिये बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार अधिकृत मंदिरों में बेहतर व्यवस्थाएं श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध करवाना चाहती है, जिसके लिए मंदिरों को मास्टर प्लान के अंतर्गत विकसित किया जाएगा। प्रदेश के मंदिरों को रोपवे से भी जोड़ रही है इसके अलावा और भी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। मंदिरों की व्यवस्था को कैसे बेहतर बनाया जाए इसके लिए अधिकारियों व बुद्धिजीवियों से संवाद किए जा रहे हैं।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि वह देश के बड़े मंदिरों में भी जाकर आए हैं और वहां की व्यवस्थाएं देखकर यहां पर भी बड़े मंदिरों की तर्ज पर व्यवस्था करने जा रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के चप्पे-चप्पे में मंदिर बसे हुए हैं और यह हमारी आस्था के साथ जुड़े हुए हैं। राजनीतिक विषय से इनका कोई महत्व नहीं है, इसलिए लोगों की आस्था से जुड़े इन ऐतिहासिक तीर्थ स्थलों को और भी बेहतर तरीके से बढ़ावा दिया जाएगा ताकि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
ज्वालामुखी आज देश-दुनिया में हिन्दुओं का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बन कर उभर आया है । देश के विभिन्न भागों से आने वाले मां के भक्त आजकल ज्वालामुखी में अपने विश्वास श्रद्धा और भक्ति का प्रदर्शन करते हैं । ज्वालामुखी उत्तरी भारत का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल व 51 शक्तिपीठों में से एक है। इसके साथ कई पौराणिक तथा ऐतिहासिक कथायें जुड़ी हैं