जिला कांगड़ा स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक मीटिंग हॉल में मुख्यचिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश गुलेरी की अध्यक्षता में आयोजित की गई ।
इस बैठक में वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक जोनल अस्पताल डॉ अनुराधा शर्मा , डॉ विवेक बन्याल वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक सीएच नूरपुर , डॉ सविता विन्द्रे एम एस सीएच पालमपुर , ज़िला कार्यक्रम अधिकारी तथा सभी बीएमओ तथा स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे । बैठक का संचालन जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश सूद ने किया । समीक्षा बैठक के दौरान जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ गुलेरी ने आमजनमानस तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के दिशानिर्देश दिए ।
डॉ गुलेरी ने निर्देश देते हुए कहा कि चिकित्सा अधिकारी समुदाय में स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़ी जागरूकता बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य वार्ता दें l प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित मासिक बैठक में विभिन्न विषयों पर की गई चर्चाओं की जानकारी हैल्थ ब्लॉक स्तर पर आयोजित होने वाली मासिक बैठक में भी विस्तार से बताएं । बैठक में डॉ गुलेरी ने स्वास्थ्य संस्थानों के आसपास स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए । डॉ गुलेरी ने बताया कि जिला कांगड़ा से 81 स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन किया था जिनमे से 36 स्वास्थ्य संस्थान स्टेट से सर्टिफाइड हो चुके हैं l जबकि 3 स्वास्थ्य संस्थान एनक्यूएएस से सर्टिफाइड हो चुके है l शेष स्वास्थ्य संस्थान भी लक्ष्य प्राप्त करने की ओर प्रयासरत हैं ।
बैठक के दौरान डॉ गुलेरी ने विशेष रूप से टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 100 दिवसीय अभियान को सफल बनाने के दिशानिर्देश दिए । डॉ राजेश गुलेरी ने बताया कि जिला कांगड़ा में टीबीमुक्त ग्राम पंचायत अभियान के अंतर्गत 814 मे से 225 ग्राम पंचायतें वर्ष 2024 के लिए टीबीमुक्त होने की ओर अग्रसर हैं ।
जिला कांगड़ा में टीबीमुक्त पंचायत अभियान में सर्वश्रेष्ठ योगदान के लिए प्रथम स्थान पर रहे हैल्थ ब्लाक भवारना, द्वितीय स्थान पर रहे हैल्थ ब्लाक गोपालपुर तथा तृतीय स्थान पर रहे हैल्थ ब्लाक थुरल के बेहतर प्रयासों की सराहना की तथा उन्हें सम्मानित किया । उल्लेखनीय है कि टीबी मुक्त अवार्ड के अंतर्गत पांच मानकों पर ग्राम पंचायत का चयन किया जाता है ।जिसे सयुंक्त टीम द्ववारा सत्यापित किया जाता है । डॉ गुलेरी ने बताया कि मानकों में सम्भावित टीबी रोग परीक्षण डर 30 प्रति हजार से अधिक, प्रत्येक 1000 जनसंख्या पर एक या उससे कम टीबी रोगी , पिछले साल में उपचाराधीन रोगियों से 85 प्रतिशत इलाज सफलता पूर्वक पूरा करना, बलगम की जांच द्वारा +ve पाए गए रोगियों में से प्रतिरोधक जांच होना, टीबी के रोगियों को निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत लाभ मिलना व सहमति देने वाले टीबी रोगियों को निक्षय मित्रों द्वारा पोषण सहायता मिलना मुख्य हैं ।
डॉ गुलेरी ने जानकारी देते हुए बताया कि 100 दिवसीय टीबीमुक्त अभियान के अंतर्गत जिला कांगड़ा में 261224 जोखिमपूर्ण आबादी में से 250125 की स्क्रीनिंग (96 प्रतिशत ), 24776 लोगों को निक्षय पोर्टल पर पंजीकृत , 22178 लोगो की एक्सरे जांच, जिला में 81 निक्षय शिविरों का आयोजन किया गया है । डॉ गुलेरी ने जानकारी देते हुए बताया कि 100 दिवसीय अभियान के अंतर्गत 450 टीबी रोगियों की खोज की गई जिसमें 213 जोखिमपूर्ण आबादी में से थे l अभियान के दौरान 29500 रोगियों की लैब जांच व एक्सरे किये गए वही इस अभियान के अंतर्गत 62 नए निक्षय मित्र भी जुड़े हैं ।
डॉ गुलेरी ने सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को 20 फरवरी को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को सफल बनाने के भी दिशानिर्देश दिए । डॉ गुलेरी ने निक्षय मित्रों के योगदान का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि जहां संत निरंकारी मंडल दिल्ली द्वारा 100 रोगियों को पोषण सहायता नगरोटा बगवा व नगरोटा सूरियां में दी जा रही है वहीं पंजाब नेशनल बैंक द्वारा 23 , बैंक आफ बड़ौदा द्वारा 2, बैंक आफ इंडिया द्वारा एक , सेंट्रल बैंक आफ इंडिया द्वारा 6, पंजाब एंड सिंध बैंक द्वारा 3 , यूनियन बैंक आफ इण्डिया द्वारा 2 की जा रही हैं । बैठक में विशेष रूप से डॉ राजेश गुलेरी ने जानकारी देते हुए बताया कि 15 फरवरी से 15 मार्च तक अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अंतर्गत टीबी व एच आईवी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा समीक्षा बैठक में आयुष्मान व हिमकेयर सेवाओं के अन्तर्गत दाखिल रोगियों की निःशुल्क जांच के निर्देश दिए । बैठक के दौरान डॉ गुलेरी ने प्रेस्क्रिप्शन आडिट तथा एफडीसआईपर विशेष ध्यान देने, रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए । बैठक में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत सभी स्वास्थ्य संस्थानों व स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को पंजीकृत एवं सत्यापन शीघ्र करने के निर्देश भी दिए ।
डॉ राजेश गुलेरी ने बैठक के दौरान पीएमएसएमए के अंतर्गत जोखिमपूर्ण देखभाल पर विशेष ध्यान देने, अर्बन हैल्थ केयर, आयुष्मान आरोग्य शिविर, टेली कंसल्टेशन, ,आईएफ ए पिंक टैबलेट, बीपीएचयू, आईडीपीसीएफ अभियान, यू-विन, एचएमआईएस , आरसीएच पोर्टल, एच एम आई एस , एंटीईपी, एन एल ई,पी ,एचबीएनसी ,एचबीवाईसी, आईडीएसपी ,100 दिवसीय निक्षय शिविर अभियान का मूल्यांकन तथा इनसे जुड़ी विस्तृत चर्चा के साथ साथ विशेष ध्यान देने के दिशा निर्देश दिए।
बैठक के दौरान डॉ गुलेरी ने आर के एस बैठकों, जैस (जन आरोग्य समिति) से जुड़ी मासिक बैठकों को सुनिश्चित आयोजित करने के दिशानिर्देश दिए डॉ गुलेरी ने इस समीक्षा बैठक में सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवम योजनाओं जे एस वाई, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम , एनसीडी, क्षय निवारण कार्यक्रम, एच आईवी एड्स,
राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम , विफ्स, राष्ट्रीय टीकाकरण मिशन के बारे में विस्तार से चर्चा एवम मूल्यांकन किया गया तथा इन कार्यक्रमों को सुदृढ़ करने के लिए दिशा निर्देश दिए ।