भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
आज हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शनिवार है। शक संवत 1946 , विक्रमी संवत 2081, कलि संवत 5124, हिजरी संवत 1444, 45 । चैत्र शुक्ला, पंचमी, सौर वैशाख मास प्रविष्टे 01, शव्वाल 03, तदनुसार अंग्रेजी तारीख 13 अप्रैल सन् 2024 ई। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, बसन्त ऋतुः। राहुकाल प्रातः 09 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक।
पंचमी तिथि मध्याह्न 12 बजकर 05 मिनट तक उपरांत षष्ठी तिथि का आरंभ। मृगशिरा नक्षत्र अर्धरात्रोत्तर 12 बजकर 49 मिनट तक उपरांत आद्र्रा नक्षत्र का आरंभ। शोभन योग अर्धरात्रोत्तर 12 बजकर 34 मिनट तक उपरांत अतिगण्ड योग का आरंभ। बालव करण मध्याह्न 12 बजकर 34 मिनट तक उपरांत अतिगण्ड योग का आरंभ। बालव करण मध्याह्न 12 बजकर 05 मिनट तक उपरांत तैतिल करण का आरंभ। चन्द्रमा मध्याह्न 12 बजकर 44 मिनट तक वृष उपरांत मिथुन राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार- नाग पंचमी, स्कन्द षष्ठी व्रत, वैशाख संक्रांति, मुहूर्त 30, पुण्यकाल संक्रांति मध्याह्न बाद, मेला वैशाखी।
सूर्योदय का समय - सुबह 5 बजकर 58 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम 6 बजकर 45 मिनट तक।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 28 मिनट से 5 बजकर 13 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 44 तक। गोधूलि बेला शाम 6 बजकर 45 मिनट से 7 बजकर 7 मिनट तक। अमृत काल सुबह 7 बजकर 33 मिनट से 9 बजकर 9 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक। सुबह 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक यमगंड। दुर्मुहूर्त काल सुबह 5 बजकर 58 मिनट से 6 बजकर 49 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।