मदर टेरेसा को 17 अक्टूबर 1979 को शांति के लिये नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्होंने जीवन भर गरीब, अनाथ, लाचार और बीमार लोगों की तीमारदारी की। उन्होंने कलकत्ता (अब कोलकाता) में मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना की और दुनियाभर में इसके केंद्रों की स्थापना कर ज्यादा से ज्यादा लोगों की सेवा करने के अपने संकल्प को आगे बढ़ाया।