हिमाचल प्रदेश के सोलन में डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में विकसित भारत के मार्ग पर चर्चा करते हुए उपराष्ट्रपति ने स्पष्ट रूप से कहा कि "विकसित भारत का रास्ता एक ही तरीके से जाएगा — किसान के खेत से। और वो तभी होगा, जब किसान का आप हाथ पकड़ेंगे।" उन्होंने किसानों को केवल अन्नदाता ही नहीं बल्कि भाग्य विधाता बताया।