आज का पंचांग
आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं
आज का पंचाग
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
आज हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शनिवार है। शक संवत 1945 , विक्रमी संवत 2080, कलि संवत 5124, हिजरी संवत 1444 - 45 । पौष कृष्ण, तृतीया, सौर पौष मास प्रविष्टे 15, जमादि-उल्सानी-16, हिजरी 1445 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 30 दिसम्बर सन् 2023 ई। सूर्य उत्तरायण, दक्षिण गोल, शिशिर ऋतु। राहुकाल प्रातः 09 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक।
तृतीया तिथि प्रातः 09 बजकर 44 मिनट तक उपरांत चतुर्थी तिथि का आरंभ। आश्लेषा नक्षत्र अगले दिन सुबह 05 बजकर 42 मिनट तक उपरांत मघा नक्षत्र का आरंभ। विष्कुंभ योग अर्धरात्रोत्तर 02 बजकर 56 मिनट तक उपरांत प्रीति योग का आरंभ। विष्टि करण प्रातः 09 बजकर 44 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ। चन्द्रमा अगले दिन सुबह 05 बजकर 42 मिनट तक कर्क उपरांत सिंह राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार श्रीगणेश चतुर्थी व्रत, गण्डमूल विचार।
सूर्योदय का समय - सुबह 7 बजकर 13 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम में 5 बजकर 33 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 24 मिनट से 6 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 7 मिनट से 2 बजकर 48 मिनट तक। निशिथ काल मध्यरात्रि 11 बजकर 56 मिनट से अगले दिन 12 बजकर 51 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 5 बजकर 31 मिनट से 5 बजकर 59 मिनट तक। अमृत काल सुबह 8 बजकर 31 मिनट से 9 बजकर 48 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक। सुबह 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। दुर्मुहूर्त काल सुबह 7 बजकर 13 मिनट से 7 बजकर 55 मिनट तक। इसके बाद सुबह 7 बजकर 55 मिनट से 8 बजकर 36 मिनट तक 12 बजकर 44 मिनट से 1 बजकर 25 मिनट तक। भद्राकाल का समय सुबह 7 बजकर 13 मिनट से 9 बजकर 43 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।