भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। हिंदू पंचांग को वैदिक पंचांग के नाम से जाना जाता है। पंचांग के माध्यम से समय और काल की सटीक गणना की जाती है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बना होता है। ये पांच अंग तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण है। यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदूमास और पक्ष आदि की जानकारी देते हैं।
आज हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शनिवार है। शक संवत 1945 , विक्रमी संवत 2080, कलि संवत 5124, हिजरी संवत 1444 - 45 । कार्तिक शुक्ल, त्रयोदशी, सौर मार्गशीर्ष मास प्रविष्टे 10, जमादि-उल्लावल-10, हिजरी 1445 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 25 नवम्बर सन् 2023 ई। सूर्य दक्षिणायन, दक्षिण गोल, हेमन्त ऋतु।
राहुकाल प्रातः 09 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक। त्रयोदशी तिथि सायं 05 बजकर 23 मिनट तक उपरांत चतुर्दशी तिथि का आरंभ। अश्विनी नक्षत्र अपराह्न 02 बजकर 56 मिनट तक उपरांत भरणी नक्षत्र का आरंभ। वरीयान योग अर्धरात्रोत्तर 03 बजकर 53 मिनट तक उपरांत परिधि योग का आरंभ। तैतिल करण सायं 05 बजकर 23 मिनट तक उपरांत वणिज करण का आरंभ। चंद्रमा दिन रात मेष राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार शनि प्रदोष व्रत, बैकुण्ड चतुर्दशी, गण्डमूल अपराह्न 02 बजकर 56 मिनट तक।
सूर्योदय का समय - सुबह 6 बजकर 51 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम में 5 बजकर 24 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 4 मिनट से 5 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 53 मिनट से दोपहर में 2 बजकर 36 मिनट तक। निशिथ काल मध्यरात्रि 11 बजकर 41 मिनट से 12 बजकर 35 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 5 बजकर 22 मिनट से 5 बजकर 49 मिनट तक। अमृत काल सुबह 6 बजकर 51 मिनट से 8 बजकर 10 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक। सुबह 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। सुबह 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। दुर्मुहूर्त काल सुबह 6 बजकर 51 मिनट से 7 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। इसके बाद दोपहर 7 बजकर 34 मिनट से 8 बजकर 16 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।