आज का पंचाग - भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
आज हिन्दू पंचांग के अनुसार आज सोमवार है। शक संवत 1945 , विक्रमी संवत 2080, कलि संवत 5124, हिजरी संवत 1444- 45 । कार्तिक शुक्ल, अष्टमी, सौर मार्गशीर्ष मास प्रविष्टे 05, जमादि-उल्लावल-05, तदनुसार अंग्रेजी तारीख 20 नवम्बर सन् 2023 ई। सूर्य दक्षिणायन, दक्षिण गोल, हेमन्त ऋतु। राहुकाल प्रातः 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजे तक। अष्टमी तिथि अर्धरात्रोत्तर 03 बजकर 17 मिनट तक उपरांत नवमी तिथि का आरंभ।
धनिष्ठा नक्षत्र रात्रि 09 बजकर 26 मिनट तक उपरांत शतभिषा नक्षत्र का आरंभ। ध्रुव योग रात्रि 08 बजकर 35 मिनट तक उपरांत व्याघात योग का आरंभ। विष्टि करण सायं 04 बजकर 20 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ। चन्द्रमा पूर्वाह्न 10 बजकर 08 मिनट तक मकर उपरांत कुंभ राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार गोपाष्टमी, पंचक प्रारंभ पूर्वाह्न 10 बजकर 08 मिनट पर।
सूर्योदय का समय - सुबह 6 बजकर 49 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम में 5 बजकर 2 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजे से 5 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 53 मिनट से दोपहर में 2 बजकर 35 मिनट तक। निशिथ काल मध्यरात्रि 11 बजकर 40 मिनट से 12 बजकर 34 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 5 बजकर 26 मिनट से 5 बजकर 52 मिनट तक। अमृत काल सुबह 9 बजकर 37 मिनट से 11 बजकर 1 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल सुबह 7 बजकर 30 मिनट से सुबह 9 बजे तक। दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से शाम में 3 बजे तक गुलिक काल रहेगा। दोपहर 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक यमगंड रहेगा। दुर्मुहूर्त काल दोपहर 12 बजकर 28 मिनट से 1 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। इसके बाद दोपहर में 2 बजकर 35 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक। भद्राकाल सुबह 6 बजकर 47 मिनट से 4 बजकर 19 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।