आज का पंचाग
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
आज हिन्दू पंचांग के अनुसार आज सोमवार है। शक संवत 1945 , विक्रमी संवत 2080, कलि संवत 5124, हिजरी संवत 1444, 45 । कार्तिक, कृष्ण, द्वितीया, सौर कार्तिक मास प्रविष्टे 14, रबी-उल्सानी-14, तदनुसार अंग्रेजी तारीख 30 अक्टूबर सन् 2023 ई। सूर्य दक्षिणायन, दक्षिण गोल, हेमन्त ऋतु। राहुकाल प्रातः 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजे तक।
द्वितीया तिथि रात्रि 10 बजकर 24 मिनट तक उपरांत तृतीया तिथि का आरंभ। कृतिका नक्षत्र अगले दिन तड़के 04 बजकर 01 मिनट तक उपरांत रोहिणी नक्षत्र का आरंभ। व्यतीपात योग 05 बजकर 33 मिनट तक उपरांत वरीयान योग का आरंभ। तैतिल करण पूर्वाह्न 11 बजकर 09 मिनट तक उपरांत वणिज करण का आरंभ। चन्द्रमा पूर्वाह्न 10 बजकर 28 मिनट तक मेष उपरांत वृष राशि पर संचार करेगा।
सूर्योदय का समय - सुबह 6 बजकर 31 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम में 5 बजकर 38 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 48 मिनट से 5 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 42 मिनट से 12 बजकर 27 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 56 मिनट से दोपहर में 2 बजकर 40 मिनट तक। निशिथ काल मध्यरात्रि 11 बजकर 39 मिनट से 12 बजकर 31 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 5 बजकर 38 मिनट से 6 बजकर 4 मिनट तक। अमृत काल सुबह 6 बजकर 31 मिनट से 7 बजकर 54 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल शाम में 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक। दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक गुलिक काल रहेगा। सुबह 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक यमगंड रहेगा। दुर्मुहूर्त काल दोपहर 12 बजकर 27 मिनट से 1 बजकर 11 मिनट तक इसके बाद 2 बजकर 40 मिनट से 3 बजकर 25 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।