भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
आज हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शनिवार है। शक संवत 1945 , विक्रमी संवत 2080, कलि संवत 5124, हिजरी संवत 1444 - 45 । आश्विन, शुक्ल, पूर्णिमा, सौर कार्तिक मास प्रविष्टे 12, रबि-उल्सानी-12, तदनुसार अंग्रेजी तारीख 28 अक्टूबर सन् 2023 ई। सूर्य दक्षिणायन, दक्षिण गोल, हेमन्त ऋतु। राहुकाल प्रातः 09 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक। पूर्णिमा तिथि अर्धरात्रोत्तर 01 बजकर 54 मिनट तक उपरांत प्रतिपदा तिथि का आरंभ। रेवती नक्षत्र प्रातः 07 बजकर 31 मिनट तक उपरांत अश्विनी नक्षत्र का आरंभ।
वज्र योग रात्रि 10 बजकर 52 मिनट तक उपरांत सिद्धि योग का आरंभ। विष्टि करण अपराह्न 03 बजकर 06 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ। चन्द्रमा प्रातः 07 बजकर 31 मिनट तक मीन उपरांत मेष राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार अश्विनी पूर्णिमा, पंचक समाप्त प्रातः 07 बजकर 31 मिनट पर।
खण्डग्रास-चन्द्र ग्रहण (भारत में दृश्य) शरद् पूर्णिमा व्रत, श्री सत्यनारायण व्रत, कार्तिक स्नान-नियम प्रारंभ, कोजागर व्रत, आकाश दीपदान शुरू।
सूर्योदय का समय - सुबह 6 बजकर 30 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम में 5 बजकर 39 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 47 मिनट से 5 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 42 मिनट से 12 बजकर 27 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 56 मिनट से दोपहर में 2 बजकर 41 मिनट तक। निशिथ काल मध्यरात्रि 11 बजकर 39 मिनट से 12 बजकर 31 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 5 बजकर 40 मिनट से 6 बजकर 5 मिनट तक। अमृत काल सुबह 6 बजकर 30 मिनट से 7 बजकर 54 मिनट तक। रवि योग 6 बजकर 30 मिनट से 7 बजकर 31 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक। सुबह 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। सुबह 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। दुर्मुहूर्त काल सुबह 6 बजकर 30 मिनट से 7 बजकर 14 मिनट तक। इसके बाद 7 बजकर 14 मिनट से 7 बजकर 59 मिनट तक। पंचक पूरा दिन रहने वाला है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।