भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
आज हिन्दू पंचांग के अनुसार आज रविवार है। शक संवत 1945 , विक्रमी संवत 2080, कलि संवत 5124, हिजरी संवत 1444 - 45 । भाद्रपद कृष्ण चतुर्थी, सौर भाद्रपद मास प्रविष्टे 18, सफ़र 16, तदनुसार अंगे्रजी तारीख 03 सितम्बर सन् 2023 ई। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, शरद ऋतु। राहुकाल सायं 04 बजकर 30 मिनट से 06 बजे तक।
चतुर्थी तिथि सायं 06 बजकर 25 मिनट तक उपरांत पंचमी तिथि का आरंभ। रेवती नक्षत्र पूर्वाह्न 10 बजकर 39 मिनट तक उपरांत अश्विनी नक्षत्र का आरंभ। वृद्धि योग अर्धरात्रोत्तर 03 बजकर 12 मिनट तक उपरांत ध्रुव योग का आरंभ। बव करण प्रातः 07 बजकर 38 मिनट तक उपरांत तैतिल करण का आरंभ। चन्द्रमा पूर्वाह्न 10 बजकर 39 मिनट तक मीन उपरांत मेष राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार श्री गणेश (बहुला) चतुर्थी व्रत, पंचक समाप्त पूर्वाह्न 10 बजकर 39 मिनट पर।
सूर्योदय का समय - सुबह 6 बजे।
सूर्यास्त का समय - शाम में 6 बजकर 41 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 29 मिनट से 5 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 27 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि 11 बजकर 58 मिनट से 12 बजकर 43 मिनट तक। गोधूलि बेला सुबह 6 बजकर 41 मिनट से 7 बजकर 4 मिनट तक रहेगा। अमृत काल सुबह 9 बजकर 10 मिनट से 10 बजकर 45 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल सुबह 4 बजकर 30 मिनट से 6 बजे तक। गुलिक काल 3 बजकर 30 मिनट से 4 बजकर 30 मिनट तक। दोपहर 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। दुर्मुहूर्त काल शाम में 4 बजकर 59 मिनट से 5 बजकर 50 मिनट तक। पंचक काल सुबह 6 बजे से 10 बजकर 38 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।