भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
आज हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बुधवार है। शक संवत 1945 , विक्रमी संवत 2080, कलि संवत 5124, हिजरी संवत 1444 - 45 । श्रावण शुक्ल चतुर्दशी, विक्रम सम्वत् 2080। सौर भाद्रपद मास प्रविष्टे 14, सफ़र 12, तदनुसार अंगे्रजी तारीख 30 अगस्त सन् 2023 ई। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, शरद ऋतु। राहुकाल मध्याह्न 12 बजे से 01 बजकर 30 मिनट तक। चतुर्दशी तिथि पूर्वाह्न 10 बजकर 59 मिनट तक उपरांत पूर्णिमा तिथि का आरंभ।
धनिष्ठा नक्षत्र रात्रि 08 बजकर 47 मिनट तक उपरांत शतभिषा नक्षत्र का आरंभ। अतिगण्ड योग रात्रि 09 बजकर 32 मिनट तक उपरांत सुकर्मा योग का आरंभ। वणिज करण पूर्वाह्न 10 बजकर 59 मिनट तक उपरांत बव करण का आरंभ। चन्द्रमा पूर्वाह्न 10 बजकर 19 मिनट तक मकर उपरांत कुंभ राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार - पंचक प्रारंभ पूर्वाह्न 10 बजकर 19 मिनट पर,
श्रावणी उपाकर्म, यजुर्वेद-अथर्ववेद उपाकर्म,
श्री सत्यनारायण व्रत, कोकिला व्रत पूर्ण, गायत्री जयंती।
सूर्योदय का समय - सुबह 5 बजकर 58 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम में 6 बजकर 45 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 28 मिनट से 5 बजकर 13 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 44 मिनट तक। गोधूलि बेला सुबह 6 बजकर 45 मिनट से 7 बजकर 8 मिनट तक रहेगा। अमृत काल सुबह 5 बजकर 58 मिनट से 7 बजकर 34 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल सुबह 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक। गुलिक काल 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक। सुबह 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक यमगंड रहेगा। दुर्मुहूर्त काल सुबह 11 बजकर 56 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक। भद्रा काल 10 बजकर 58 मिनट से 9 बजकर 1 मिनट तक। पंचक सुबह 10 बजकर 19 मिनट से अगले दिन 31 तारीख को 5 बजकर 58 मिनट तक रहेगा।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।