भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
आज हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बृहस्पतिवार है। शक संवत 1945 , विक्रमी संवत 2080, कलि संवत 5124, हिजरी संवत 1444 - 45 । श्रावण शुक्ल प्रतिपदा, सौर भाद्रपद मास प्रविष्टे 01, मुहर्रम 29, तदनुसार अंग्रेजी तारीख 17 अगस्त सन् 2023 ई। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु।
राहुकाल अपराह्न 01 बजकर 30 मिनट से 03 बजे तक। प्रतिपदा तिथि सायं 05 बजकर 36 मिनट तक उपरांत द्वितीया तिथि का आरंभ। मघा नक्षत्र सायं 07 बजकर 58 मिनट तक उपरांत पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का आरंभ। परिधि योग सायं 07 बजकर 29 मिनट तक उपरांत शिव योग का आरंभ। बव करण सायं 05 बजकर 36 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ। चंद्रमा दिन रात सिंह राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्यौहार : भाद्रपद संक्रांति।
सूर्योदय का समय सुबह 5 बजकर 51 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय शाम में 6 बजकर 59 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 24 मिनट से 5 बजकर 8 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 36 मिनट से 3 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि 12 बजकर 4 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। गोधूलि बेला सुबह 6 बजकर 59 मिनट से 7 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। अमृत काल सुबह 5 बजकर 51 मिनट से 7 बजकर 30 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल सुबह 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक। सुबह 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। दुर्मुहूर्त काल सुबह 10 बजकर 14 मिनट से 11 बजकर 6 मिनट तक। इसके बाद 3 बजकर 29 मिनट से 4 बजकर 21 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।