भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
आज हिन्दू पंचांग के अनुसार आज रविवार है। शक संवत 1945 , विक्रमी संवत 2080, कलि संवत 5124, हिजरी संवत 1444 - 45 । द्वितीय (अधिक) श्रावण कृष्ण त्रयोदशी, सोमवार, विक्रम संवत 2080। सौर श्रावण मास प्रविष्टे 30। मुहर्रम 26, हिजरी 1445 (मुस्लिम), तदनुसार अंग्रेजी तारीख 14 अगस्त सन् 2023 ई॰। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। राहुकाल प्रातः 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजे तक।
त्रयोदशी तिथि पूर्वाह्न 10 बजकर 26 मिनट तक उपरांत चतुर्दशी तिथि का आरंभ। पुनर्वसु नक्षत्र पूर्वाह्न 11 बजकर 07 मिनट तक उपरांत पुष्य नक्षत्र का आरंभ। सिद्धि योग सायं 04 बजकर 40 मिनट तक उपरांत व्यतिपात योग का आरंभ। वणिज करण पूर्वाह्न 10 बजकर 26 मिनट तक उपरांत शकुनि करण का आरंभ। चंद्रमा दिन रात कर्क राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार मास शिवरात्रि व्रत।
सूर्योदय का समय - सुबह 5 बजकर 49 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम 7 बजकर 2 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 23 मिनट से 5 बजकर 6 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 38 मिनट से 3 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि 12 बजकर 4 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। गोधूलि बेला सुबह 7 बजकर 2 मिनट से 7 बजकर 23 मिनट तक। अमृत काल सुबह 5 बजकर 49 मिनट से 7 बजकर 28 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल सुबह 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक। सुबह 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक। सुबह 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक गुलिक काल रहेगा। दुर्मुहूर्त काल रात में 12 बजकर 57 मिनट से 1 बजकर 45 मिनट तक। इसके बाद 3 बजकर 31 मिनट से 4 बजकर 23 मिनट तक। भद्रा 10 बजकर 25 मिनट से 11 बजकर 32 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।