भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
आज हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बृहस्पतिवार है। शक संवत 1945 , विक्रमी संवत 2080, कलि संवत 5124, हिजरी संवत 1444 - 45 । द्वितीय (अधिक) श्रावण कृष्ण दशमी, सौर श्रावण मास प्रविष्टे 26। मुहर्रम 22, तदनुसार अंग्रेजी तारीख 10 अगस्त सन् 2023 ई॰। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। राहुकाल अपराह्न 01 बजकर 30 मिनट से 03 बजे तक।
दशमी तिथि अगले दिन तड़के 05 बजकर 07 मिनट तक उपरांत एकादशी तिथि का आरंभ। रोहिणी नक्षत्र अगले दिन तड़के 04 बजकर 01 मिनट तक उपरांत मृगशिरा नक्षत्र का आरंभ। धु्रव योग अपराह्न 03 बजकर 10 मिनट तक उपरांत व्याघात योग का आरंभ। वणिज करण सायं 04 बजकर 40 मिनट तक उपरांत बव करण का आरंभ। चंद्रमा दिन रात वृष राशि पर संचार करेगा।
सूर्योदय का समय - सुबह 5 बजकर 47 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय 10 अगस्त 2023 : शाम 7 बजकर 7 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 22 मिनट से 5 बजकर 5 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 39 मिनट से 3 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि 12 बजकर 5 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। गोधूलि बेला सुबह 7 बजकर 5 मिनट से 7 बजकर 27 मिनट तक। अमृत काल सुबह 5 बजकर 47 मिनट से 7 बजकर 27 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक रहेगा। सुबह 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। दुर्मुहूर्त काल सुबह 10 बजकर 13 मिनट से 11 बजकर 7 मिनट तक। इसके बाद 3 बजकर 33 मिनट से 4 बजकर 26 मिनट तक रहेगा।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।