स्थानीय संस्कृत कालेज में प्रदेश संस्कृत अकादमी की ओर से चल रहे पांच दिवसीय पौरोहित्य एवं कर्मकांड प्रशिक्षण शिविर का समापन वैदिक मंत्रोचारण के साथ यज्ञ में आहुतियों के साथ संपन्न हो गया। इस दौरान परिसर का महौल देवमयी हो गया। ज्वालामुखी के एसडीएम डा संजीव शर्मा एंव मंदिर अधिकारी तहसीलदार मनोहर लाल शर्मा ने भी हवन पूजन कर पुर्णाहुति में भाग लिया। व प्रतिभागियों को मामेंटो देकर सम्मानित किया।
आये हुये छा़त्रों व पुजारियों को हवन करवाने की विधि संस्कृत कालेज चकमोह के पूर्व प्रिसिंपल धनी राम संगर व अनिल शास्त्री ने सिखाई। संगर ने कहा कि शास्त्रों में हवन का विशेष महत्व बताया गया है और हम उसी महत्वता के साथ इन परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए आज भी हर शुभ कार्य के पश्चात या प्रारंभ में हवन करवाना अति आवश्यक माना गया है हिंदू धर्म में किसी भी पूजा के दौरान हवन करना आवश्यक माना जाता है।
इस अवसर पर अपने संबोधन में स्थानीय एसडीएम संजीव शर्मा ने हिमाचल संस्कृत अकादमी के प्रयासों की सराहना करते हुये कहा कि पूजा कर्मकांड में पुजारियों को दक्ष बनाने के लिये इस शिविर का लाभ अवशय मिलेगा। ऐसे प्रयास निरंतर होने चाहियें। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा हमारी दिनचर्या से जुडी है। इसके संरक्षण के लिये पूजा पाठ व कर्मकांड से जुडे लोगों को विशेष प्रयास करने होंगे। ताकि इसमें और निखार आये। उन्होंने कहा कि मंदिरों में पुजारी का दायित्व बनता है कि वह शुद्ध मंत्रोचारण के साथ पूजा व कर्मकांड करवाये।
वहीं, हिमाचल संस्कृति अकादमी के सचिव डॉ.केशवानन्द कौशल ने कहा कि शिक्षा सचिव की पहल पर प्रदेश में सरकारी नियंत्रण वाले मंदिरों में पूजा व कर्मकांड का महौल बनाने के लिये मंदिरों से जुडे लोगों को प्रशिक्षण देने के मकसद से इस कार्यक्रम की शुरूआत की गई है। पहले भी इसी तर्ज पर पुनशचर्या कार्यक्रम में प्रशिक्षण दिया गया था। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से संस्कृत भाषा के संरक्षण व संवर्द्धन के विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। उसी के तहत ऐसे प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन प्रदेश भर में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के सहयोग से संस्कृत को जन-जन तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश के सभी संस्कृत विद्वानों का मार्गदर्शन संस्कृत के विकास के लिए लिया जा रहा है। तथा प्रदेश के विद्वानों को यथोचित सम्मान भी दिया जा रहा है।
केन्द्रिय संस्कृत विशवविद्यालय वेद व्यास परिसर बलाहर में ज्योतिष विभाग में सहायक आचार्य डॉ. विनोद शर्मा ने ज्योतिष शास्त्र पर अपना व्याख्यान दिया।
वहीं, पूर्व प्राचार्य डॉ. लीलाधर शर्मा , अनिल शास्त्री , चंदर मौली शर्मा ने भी वैदिक कर्मकांड पर विस्तृत जानकारी दी।
इस अवसर पर संस्कृत कालेज के प्राचार्य प्रबल शर्मा ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर डॉ. अनूप शर्मा व डॉ. महेन्दर शर्मा व मंदिर न्यास के दिव्यांशु भूषण भी उपस्थित रहे।