ज्वालामुखी के एसडीएम संजीव शर्मा ने कहा कि संस्कृत भाषा हमारी दिनचर्या से जुड़ी है। इसके संरक्षण के लिये पूजा पाठ व कर्मकांड से जुड़े लोगों को विशेष प्रयास करने होंगे। ताकि इसमें और निखार आये।
आज यहां संस्कृत कालेज में प्रदेश संस्कृत अकादमी की ओर से आयोजित पांच दिवसीय पौरोहित्य एवं कर्मकांड प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुये उन्होंने कहा कि सीखने की भावना हो, तो उसमें उम्र का भाव नहीं देखा जाना चाहिये। और हर इंसान को निरंतर ज्ञान हासिल करने की भावना अपने आप में समाहित करनी चाहिये। वैदिक कर्मकांड में भी निपुणता तभी हासिल हो पायेगी। जब मंत्र उच्चारण सही होगा।
इस अवसर पर अकादमी के सचिव डॉ.केशवानन्द कौशल ने बताया कि इस शिविर में ज्वालामुखी व आसपास के क्षेत्रों के कर्मकांड से जुड़े ब्राह्मण भाग ले रहे हैं। उन्हें वैदिक मंत्रोचारण में निपुण किया जायेगा। शिक्षा सचिव की पहल पर प्रदेश में सरकारी नियंत्रण वाले मंदिरों में पूजा व कर्मकांड का माहौल बनाने के लिए मंदिरों से जुडे लोगों को प्रशिक्षण देने के मकसद से इस कार्यक्रम की शुरूआत की गई है। पहले भी इसी तर्ज पर पुनश्चर्या कार्यक्रम में प्रशिक्षण दिया गया था।
सचिव डॉ. केशवानंद कौशल ने कहा कि प्रदेश सरकार के सहयोग से संस्कृत को जन-जन तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। प्रदेश के सभी संस्कृत विद्वानों का मार्गदर्शन संस्कृत के विकास के लिए लिया जायेगा तथा प्रदेश के विद्वानों को यथोचित सम्मान दिया जायेगा। संस्कृत कालेज चकमोह के पूर्व प्रिसिंपल धनी राम शाडिंल ने इस अवसर पर पूजा कर्मकांड में शुद्ध मंत्रोचारण के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।
केन्द्रिय संस्कृत विशवविद्यालय वेद व्यास परिसर बलाहर में ज्योतिष विभाग में सहायक आचार्य डा विनोद शर्मा ने ज्योतिष शास्त्र पर अपना व्याख्यान दिया। इस अवसर पर डॉ. अनूप शर्मा व डॉ. महेन्दर शर्मा भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर संस्कृत कालेज के प्राचार्य डॉ.प्रबल शर्मा ने भी अपने विचार रखे।