Congress Party के हिमाचल प्रभारी राजीव शुक्ला ने विधायक दल की बैठक में सीएम का नाम तय करने के लिये किसी भी प्रकार वोटिंग कराये जाने की संभावना का नकारा है। शिमला में पत्रकारों से बातचीत में शुक्ला ने कहा कि जैसे ही कांग्रेस विधायक शिमला पहुंचते हैं पर्टी कार्यालय में बैठक शुरू हो जायेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में वोटिंग वहां होती है। जहां कोई विवाद होता है। यहां हिमाचल में कोई विवाद नहीं है। लिहाजा यहां कांग्रेस विधायक दल का नेता चुनने के लिये वोटिंग नहीं होगी।
पूर्व पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सीएम पद की रेस में प्रमुख नाम हैं। सुखविंदर पार्टी की चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष हैं। और वह उनके नेतृत्व में पार्टी चुनाव जीत चुकी हैं तो ऐसे में सुखविंदर सिंह की दावेदारी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। राहुल गांधी के बेहद करीबी सुखविंदर सिंह को राज्य में वीरभद्र सिंह के विरोध के बावजूद प्रदेश की कमान मिली थी। हालांकि कांग्रेस आलाकमान जिस तरह से चुनाव के पहले आंतरिक कलह से परेशान था, उसे देखते हुए पार्टी सरप्राइज भी दे सकती है। ऐसे में अगले एक-दो दिन कांग्रेस के कई नेताओं की धड़कने बढ़ने वाली हैं।
इस बीच हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजीव शुक्ला के साथ पर्यवेक्षक भूपेश बघेल और भूपेंद्र हुड्डा विधायक दल की बैठक के लिए पहुंच गए हैं। और उस बैठक में नए मुख्यमंत्री के चेहरे पर फैसला हो सकता है। कांग्रेस पार्टी ने हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट नहीं किया था। 68 सीटों वाली हिमाचल विधानसभा में कांग्रेस ने 40 सीटें जीतीं हैं। वहीं बीजेपी ने 25 सीटों पर जीत हासिल की। इसके अलावा निर्दलीयों ने तीन सीटें जीतीं हैं।
इस बींच , पार्टी के सह प्रभारी गुरकीरत सिंह कोटली ने कहा कि विधायक दल व पार्टी हाईकमान नये नेता का चयन सर्वसम्मति से करेगा।