भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।15 सितंबर 2026 का पंचांग: मंगलवार को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि रहेगी और इसके बाद पंचमी तिथि शुरू होगी। दिनभर स्वाती नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जिसके बाद विशाखा नक्षत्र लगेगा। जानिए 15 सितंबर 2026 के पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार, चंद्र राशि और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज मंगलवार को भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्थी है। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, शरद ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 15 सितंबर 2026 , राहुकाल दोपहर 03 बजकर 30 मिनट से सायं 05 बजकर 00 मिनट तक।
15 सितंबर 2026 का पंचांग
वार: मंगलवार
तिथि: भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी सुबह 07 बजकर 44 मिनट तक उपरांत पंचमी तिथि का आरंभ।
नक्षत्र: स्वाती दोपहर 3:21 बजे तक, इसके बाद विशाखा
योग: इंद्र दोपहर 12:20 बजे तक, इसके बाद वैधृति
करण: विष्टि सुबह 7:44 बजे तक, इसके बाद बव
पक्ष: शुक्ल पक्ष
चंद्र राशि: तुला
सूर्य राशि: सिंह
ऋतु: शरद
अयन: दक्षिणायन
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय का समय: प्रातः 06:06 बजे
सूर्यास्त का समय: सायं 06:26 बजे
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त -
अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 41 मिनट तक ।
अमृत काल -
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल - दोपहर 03 बजकर 30 मिनट से सायं 05 बजकर 00 मिनट तक ।
गुलिक काल- दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से 01 बजकर 30 मिनट तक ।
यमगंड - सुबह 09 बजकर 00 मिनट से 10 बजकर 30 मिनट तक ।
15 सितंबर को ऋषि पंचमी और सम्वत्सरी पर्व भी मनाया जाएगा। इस दिन रवि योग सुबह सूर्योदय से दोपहर 3:21 बजे तक रहेगा।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
नोट: सूर्योदय-सूर्यास्त और मुहूर्त स्थान के अनुसार बदलते हैं। ऊपर दिए गए समय संदर्भ के लिए हैं; स्थानीय पंचांग में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।