धर्मशाला में "अंतरराष्ट्रीय क्लीन एयर फ़ॉर ब्लू स्काईज"दिवस जागरूकता गतिविधि का आयोजन दिनांक 10 सितम्बर 2026 को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, जिला कांगड़ा द्वारा जोनल अस्पताल धर्मशाला के मीटिंग हॉल में “अंतरराष्ट्रीय क्लीन एयर फॉर ब्लू स्काईज दिवस” के अवसर पर जिला स्तरीय जागरूकता गतिविधि का आयोजन किया गया। यह सप्ताहभर चलने वाला अभियान (7–13 सितम्बर) है, जिसका उद्देश्य वायु प्रदूषण के मानव स्वास्थ्य, जलवायु, पारिस्थितिकी तंत्र एवं अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पद्म श्री डॉ. ओमेश भारती ने की। इस वर्ष की थीम “The Economic and Health Case for Climate and Clean Air Action” रही, जो यह दर्शाती है कि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना सार्वजनिक स्वास्थ्य और आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण निवेश है।
इस अवसर पर एमएस, जोनल अस्पताल धर्मशाला डॉ. अनुराधा शर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विक्रम कटोच, डॉ. एकता शर्मा, डॉ. चारु सहित ,स्वास्थ्य शिक्षक अर्चना गुरुंग, महिला स्वास्थ्य पर्यवेक्षक मीना भूषण, बीसीसी कोऑर्डिनेटर राजेंद्र शर्मा, प्रवीण शर्मा तथा गुरु द्रोणाचार्य कॉलेज ऑफ नर्सिंग, योल एवं सत्यम कॉलेज ऑफ नर्सिंग के स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा प्रतिभागियों को इस दिवस की थीम के संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन और वायु प्रदूषण आज वैश्विक स्तर पर गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियाँ बन चुकी हैं, जिनका सीधा प्रभाव मानव स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण पर पड़ रहा है। उन्होंने विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक संवेदनशीलता का उल्लेख करते हुए कहा कि धौलाधार पर्वत श्रृंखला हमारे क्षेत्र की पहचान है, जिसे स्वच्छ वायु और संतुलित पर्यावरण से ही सुरक्षित रखा जा सकता है। बढ़ता तापमान, अनियमित वर्षा एवं वायु प्रदूषण पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। साथ ही यह भी बताया गया कि छोटे-छोटे सामूहिक प्रयासों से बड़े स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विक्रम कटोच ने जानकारी देते हुए बताया कि इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य आमजन में वायु प्रदूषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि वायु प्रदूषण से श्वसन रोग, हृदय रोग, एलर्जी तथा अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है। इस दौरान वायु गुणवत्ता को मापने वाले उपकरणों एवं एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के बारे में भी जागरूक किया गया।
डॉ. एकता शर्मा द्वारा गतिविधि के दौरान उपस्थित नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं को स्वच्छ वायु के महत्व, वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों तथा इसके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
प्रतिभागियों को वायु प्रदूषण को कम करने हेतु अधिक से अधिक पौधारोपण करने, खुले में कूड़ा एवं अन्य सामग्री न जलाने, निजी वाहनों का कम उपयोग करने तथा सार्वजनिक परिवहन को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं में गुरु द्रोणाचार्य कॉलेज ऑफ नर्सिंग, योल तथा सत्यम कॉलेज ऑफ नर्सिंग की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में वंशिका, ईशा एवं श्रेया तथा भाषण प्रतियोगिता में रिया, आयुषी एवं प्रियंका को क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। इसी प्रकार भाषण प्रतियोगिता में अंजली, सान्या एवं कल्पना को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। विजेताओं को जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विक्रम कटोच द्वारा सम्मानित किया गया।