शिमला। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को लेकर कांग्रेस नेताओं द्वारा की जा रही बयानबाजी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जब कांग्रेस सरकार अपनी नाकामियों, बेरोजगारी और जनहित से जुड़े सवालों का जवाब नहीं दे पाती है, तब वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर अनर्गल आरोप लगाकर जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास करती है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, सामाजिक समरसता, चरित्र निर्माण और निःस्वार्थ सेवा की पाठशाला है। दशकों से संघ के स्वयंसेवक बिना किसी राजनीतिक लाभ और प्रचार की अपेक्षा के राष्ट्र एवं समाज की सेवा में कार्यरत हैं। प्राकृतिक आपदा हो, सामाजिक संकट हो अथवा कोई अन्य कठिन परिस्थिति, संघ के स्वयंसेवक सेवा के लिए सदैव अग्रिम पंक्ति में दिखाई देते हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में संघ से जुड़े लोगों की भर्ती किए जाने जैसे आरोप लगाने वाले कांग्रेस नेता तथ्यों को जनता के सामने रखें। “आज प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है। यदि उन्हें लगता है कि पूर्व में कोई नियुक्ति नियमों के विरुद्ध हुई है तो निष्पक्ष जांच करवाएं और तथ्य सार्वजनिक करें। केवल आरएसएस का नाम लेकर राजनीतिक आरोप लगाना सरकार की विफलताओं का समाधान नहीं है।”
डॉ. बिंदल ने कहा कि किसी शिक्षक अथवा कर्मचारी का मूल्यांकन उसकी योग्यता, मेरिट, आचरण और निर्धारित भर्ती प्रक्रिया के आधार पर होना चाहिए। किसी व्यक्ति को केवल उसकी कथित वैचारिक सोच या किसी सामाजिक संगठन से जुड़ाव के आधार पर निशाना बनाना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को कांग्रेस से राष्ट्रभक्ति का प्रमाणपत्र लेने की आवश्यकता नहीं है। संघ का सामाजिक सेवा, राष्ट्र निर्माण और चरित्र निर्माण में योगदान देश के सामने है।”
डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार को आरएसएस के खिलाफ बयानबाजी करने के बजाय यह बताना चाहिए कि उसने हिमाचल प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और खाली पड़े सरकारी पदों को भरने के लिए क्या किया।
उन्होंने कहा कि भाजपा किसी भी कर्मचारी, शिक्षक अथवा नागरिक को उसकी कथित विचारधारा के आधार पर राजनीतिक रूप से निशाना बनाने के प्रयास का पुरजोर विरोध करेगी।