भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। 8 अगस्त 2026, शनिवार को श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि रहेगी। दिन के दौरान एकादशी तिथि का आरंभ होगा, जिसके चलते धार्मिक दृष्टि से यह दिन विशेष महत्व रखता है। आइए जानते हैं 8 अगस्त 2026 का विस्तृत पंचांग।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज श्रावण, कृष्ण, दशमी, शनिवार है। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 8 अगस्त 2026, राहुकाल सुबह 09 बजकर 00 मिनट से सुबह 10 बजकर 30 मिनट तक।
📅 8 अगस्त 2026 पंचांग
वार: शनिवार
हिंदू मास: श्रावण
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: दशमी;दोपहर 01 बजकर 59 मिनट तक, इसके बाद एकादशी
नक्षत्र: रोहिणी, इसके बाद मृगशिरा
चंद्र राशि: वृषभ
योग: ध्रुव, इसके बाद व्याघात
करण: विष्टि, इसके बाद बव
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: लगभग सुबह 5:50 बजे
सूर्यास्त: लगभग शाम 7:05 बजे
स्थान के अनुसार सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह में 03 बजकर 55 मिनट से सुबह 04 बजकर 41 मिनट तक ।
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक ।
अमृत काल : दोपहर 01 बजकर 54 मिनट से दोपहर 03 बजकर 22 मिनट तक।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: सुबह 09 बजकर 00 मिनट से 10 बजकर 30 मिनट तक ।
गुलिक काल: सुबह 06 बजकर 00 मिनट से 07 बजकर 30 मिनट तक ।
यमगंड: दोपहर 01 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 30 मिनट तक ।
🌺 8 अगस्त का धार्मिक महत्व
8 अगस्त को श्रावण कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ होने के कारण भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व रहेगा। कामिका एकादशी व्रत 9 अगस्त 2026 को रखा जाएगा। एकादशी व्रत रखने वाले श्रद्धालु इस दिन से व्रत की तैयारियां कर सकते हैं।
शनिवार होने के कारण शनिदेव की पूजा, तिल या तेल का दान और जरूरतमंदों की सहायता करना भी शुभ माना जाता है।
✨ आज का पंचांग एक नजर में
तिथि: दशमी/एकादशी
वार: शनिवार
नक्षत्र: रोहिणी/मृगशिरा
चंद्र राशि: वृषभ
पक्ष: कृष्ण
मास: श्रावण
विशेष: कामिका एकादशी की तिथि का आरंभ
नोट: पंचांग के मुहूर्त और समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं। पूजा-व्रत के लिए स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता दें।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।