नई दिल्ली, 29 जुलाई। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन (कांग्रेस मुख्यालय) में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने संसद की कार्यवाही, लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका, युवाओं के मुद्दों, शिक्षा व्यवस्था और विपक्ष की आवाज को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा कि देश के महत्वपूर्ण सवालों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों को संसद और सड़क दोनों जगह मजबूती से उठाता रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है और विपक्ष को अपनी बात रखने के पर्याप्त अवसर नहीं दिए जा रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उन्हें छात्रों की बर्बरता पर सदन में बोलने नहीं दिया। उन्होंने मुझे बताया कि मैंने गृह मंत्री अमित शाह पर कुछ बोला, मैनें कहा कि जो भी छात्रों के साथ बर्बरताकी गई, उसके लिए अमित शाह जिम्मेदार हैं। इसीलिए मुझे नहीं बोलने दिया गया। मुझसे ये आश्वासन दिया गया कि मैं अगर माफी मांग लूं तो मैं अपना संबोधन जारी रख सकता हूं। मैं कभी भी बीजेपी और आरएसएस वालों से माफी नहीं मांगूंगा।
शिक्षा और युवाओं के मुद्दों पर सरकार को घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लाखों युवा पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की उम्मीद करते हैं तथा सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
संसद की कार्यवाही पर जताई चिंता
राहुल गांधी ने संसद के संचालन को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है और जनता से जुड़े मुद्दों पर खुली एवं सार्थक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संसद केवल कानून बनाने का मंच नहीं, बल्कि जनता की आवाज उठाने का भी सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्थान है।
कई सवालों के दिए जवाब
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने पत्रकारों द्वारा पूछे गए विभिन्न राजनीतिक और राष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े सवालों के जवाब भी दिए। उन्होंने कांग्रेस की आगे की रणनीति, विपक्षी दलों के समन्वय और संसद के आगामी सत्र को लेकर भी अपनी बात रखी।
राजनीतिक मायने
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद सत्र के बीच राहुल गांधी की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस विपक्ष की रणनीति को स्पष्ट करने और सरकार पर दबाव बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर इन मुद्दों पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
इंदिरा भवन से राहुल गांधी की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस संसद, लोकतंत्र, युवाओं और शिक्षा जैसे मुद्दों पर केंद्रित रही। कांग्रेस ने सरकार से जवाबदेही की मांग दोहराई, जबकि अब इन आरोपों और सवालों पर केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया पर भी सभी की नजर रहेगी।