# **दिल्ली की बस्ती में इरफ़ान के घर पहुँचे राहुल गांधी, बोले— 'इरफ़ान जैसे लाखों युवा ही देश की असली उम्मीद हैं'**
**नई दिल्ली, 27 जुलाई।** लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष **राहुल गांधी** सोमवार को दिल्ली की एक बस्ती में रहने वाले युवा **इरफ़ान** के घर पहुँचे और उनसे मुलाकात की। हाल के दिनों में इरफ़ान का नाम CJP आंदोलन और युवाओं से जुड़े मुद्दों के बीच चर्चा में आया था। राहुल गांधी ने इरफ़ान और उनके परिवार से बातचीत की तथा उनकी सोच, संघर्ष और देश के प्रति उनके दृष्टिकोण की सराहना की।
मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर इरफ़ान के साथ तस्वीरें साझा करते हुए लिखा,
> **"इरफ़ान से मुलाक़ात हुई - दिल्ली की बस्ती का एक युवा, जिसकी सोच उसके हालात की मोहताज नहीं है। संविधान की उसकी समझ, देश के प्रति उसका नज़रिया और सीखने की उसकी इच्छा यही बताती है कि भारत की सबसे बड़ी ताक़त उसके युवाओं में बसती है। इरफ़ान जैसे लाखों युवा ही देश की असली उम्मीद हैं - जिज्ञासु, संवेदनशील और अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग।"**
राहुल गांधी की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। बड़ी संख्या में लोग इरफ़ान की कहानी और राहुल गांधी के संदेश पर अपनी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। कई लोगों ने इसे देश के युवाओं की आकांक्षाओं और संघर्षों को सामने लाने वाला संदेश बताया, जबकि राजनीतिक हलकों में भी इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इरफ़ान पिछले कुछ दिनों से युवाओं के मुद्दों और CJP आंदोलन के संदर्भ में चर्चा का विषय बने हुए हैं। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों में पले-बढ़े इरफ़ान ने शिक्षा, संविधान और देश के भविष्य को लेकर अपने विचारों से लोगों का ध्यान आकर्षित किया। उनकी स्पष्ट सोच और सीखने की इच्छा की सोशल मीडिया पर भी व्यापक सराहना हो रही है।
राहुल गांधी की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब प्रतियोगी परीक्षाओं, युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर देशभर में बहस जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इरफ़ान जैसे युवाओं की कहानियाँ इस बात की याद दिलाती हैं कि प्रतिभा और जागरूकता किसी आर्थिक या सामाजिक पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती। राहुल गांधी ने भी अपने संदेश में यही रेखांकित किया कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसके जागरूक, जिज्ञासु और संवेदनशील युवा हैं।