सोमवार | श्रावण मास | शुक्ल पक्ष
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। श्रावण मास का प्रथम सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन शिवलिंग पर जल, दुग्ध, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा एवं भांग अर्पित कर विधिवत पूजा करने से मनोकामनाओं की पूर्ति और जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होने की मान्यता है।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज श्रावण शुक्ल त्रयोदशी , सोमवार है। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 27 जुलाई 2026, राहुकाल सुबह 07 बजकर 30 मिनट से सुबह 09 बजकर 00 मिनट तक।
📅 पंचांग विवरण
दिनांक: 27 जुलाई 2026, सोमवार
मास: श्रावण
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: त्रयोदशी सायं 04 बजकर 14 मिनट तक तत्पश्चात चतुर्दशी तिथि का आरंभ।
नक्षत्र: मूल (पूर्वाह्न तक), इसके बाद पूर्वाषाढ़ा
योग: वैधृति
करण: तैतिल, इसके बाद गर
चंद्रमा: धनु राशि में
सूर्य: कर्क राशि में
🌅 सूर्योदय एवं सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 5:43 बजे
सूर्यास्त: सायं 7:11 बजे
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:01 बजे से 12:55 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 3:55बजे से 4:41 बजे तक
⚠️ अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: प्रातः 7:30 बजे से 9:06 बजे तक
यमगण्ड काल: प्रातः 10:30 बजे से 12:00 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 1:30 बजे से 3:30 बजे तक
दुर्मुहूर्त: प्रातः एवं अपराह्न में अल्प अवधि के लिए
🙏 आज का धार्मिक महत्व
श्रावण सोमवार का व्रत भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है। इस दिन रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का जाप तथा शिव चालीसा का पाठ करने से समस्त कष्टों का निवारण होता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। अविवाहित युवक-युवतियों के लिए भी श्रावण सोमवार का व्रत विशेष फलदायी माना गया है।
🌿 आज का उपाय
शिवलिंग पर गंगाजल मिश्रित जल से अभिषेक करें, तीन बेलपत्र अर्पित करें और "ॐ नमः शिवाय" मंत्र की कम से कम 108 माला या 108 बार जप करें। गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को सफेद वस्त्र, चावल या दूध का दान करना भी शुभ माना जाता है।
✨ आज का शुभ
शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 2 और 7
पूजन के आराध्य: भगवान शिव एवं माता पार्वती
नोट: पंचांग के समय स्थानानुसार कुछ मिनटों का अंतर संभव है। अपने नगर के स्थानीय सूर्योदय के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान करना अधिक उपयुक्त माना जाता है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।