शुक्रवार | आषाढ़ मास | शुक्ल पक्ष | दशमी तिथि
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। भारतीय वैदिक ज्योतिष में पंचांग का विशेष महत्व है। शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कार्यों के लिए पंचांग का अध्ययन किया जाता है। आइए जानते हैं 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) का विस्तृत पंचांग।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज आषाढ़, शुक्ल, दशमी, शुक्रवार है। सूर्य दक्षिणायन , उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 24 जुलाई 2026, राहुकाल सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजकर 00 मिनट तक।
पंचांग
- वार: शुक्रवार
* मास: आषाढ़
* पक्ष: शुक्ल पक्ष
* तिथि: दशमी प्रातः 09:12 बजे तक, इसके बाद एकादशी प्रारंभ
* नक्षत्र: अनुराधा (25 जुलाई प्रातः 04:36 बजे तक)
* योग: शुक्ल योग रात्रि 08:11 बजे तक, इसके बाद ब्रह्म योग
* करण: गरज (09:12 बजे तक), इसके बाद वणिज
* चंद्र राशि: वृश्चिक
* सूर्य राशि: कर्क
* ऋतु: वर्षा
* विक्रम संवत: 2083 - शक संवत: 1948
अयन: दक्षिणायन
- सूर्योदय: प्रातः 05:38 बजे
* सूर्यास्त: सायं 07:17 बजे
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: लगभग 12:00 बजे से 12:55 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह में 03 बजकर 55 मिनट से सुबह 04 बजकर 41 मिनट तक ।
अमृत काल : का समय सायं 04 बजकर 57 मिनट से सायं 06 बजकर 44 मिनट तक ।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: प्रात - 10:30 बजे से 12:00 बजे तक
गुलिक काल - सुबह 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजकर 00 मिनट तक ।
यमगण्ड काल - दोपहर 03 बजकर 30 मिनट से 05 बजकर 00 मिनट तक ।
आज का विशेष महत्व
आज आषाढ़ शुक्ल दशमी है। दशमी तिथि धर्म-कर्म, दान-पुण्य और भगवान विष्णु की उपासना के लिए शुभ मानी जाती है। साथ ही, अगले दिन देवशयनी एकादशी का व्रत होने के कारण आज से ही कई श्रद्धालु व्रत और पूजन की तैयारियां प्रारंभ करते हैं।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।