भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। 14 जुलाई 2026, मंगलवार का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज आषाढ़ मास की अमावस्या है, जिसे पितरों के निमित्त तर्पण, दान, स्नान और भगवान शिव व हनुमान जी की आराधना के लिए शुभ माना जाता है। आज अमावस्या तिथि दोपहर 3:13 बजे तक है; इसके बाद प्रतिपदा लग जाएगी। मंगलवार को होने के कारण भौमवती (मंगलवार) अमावस्या का विशेष संयोग बना रहा है। इस दिन पितरों, हनुमान जी, और भगवान शिव की पूजा करने से विशेष लाभ मिलता है। समाप्त होने के बाद श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा प्रारंभ होगी। यदि आप कोई शुभ कार्य करने की योजना बना रहे हैं तो पहले आज का पंचांग अवश्य जान लें।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज मंगलवार आषाढ़, शुक्ल, प्रतिपदा, है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 14 जुलाई 2026 , राहुकाल दोपहर 03 बजकर 30 मिनट से दोपहर 05 बजकर 00 मिनट तक।
सूर्य पुनर्वसु नक्षत्र में गोचर करेंगे, जबकि चंद्रमा पुनर्वसु नक्षत्र में अगले दिन 12:09 बजे संचार करेगा। मंगलवार को सुबह 11:56 बजे तक व्याघात योग रहेगा, इसके बाद अगले दिन की सुबह 8:03 बजे तक हर्षण योग प्रभावी रहेगा। सूर्य मिथुन राशि में स्थित रहेंगे, जबकि चंद्रमा भी कर्क राशि में स्थित रहेगा। उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना अनिवार्य हो।
14 जुलाई 2026 का पंचांग
दिन: मंगलवार
माह: आषाढ़
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: अमावस्या दोपहर 3:13 बजे तक, इसके बाद प्रतिपदा तिथि आरंभ
नक्षत्र: पुनर्वसु रात्रि 12:09 बजे तक, इसके बाद पुष्य
योग: व्याघात प्रातः 11:56 बजे तक, इसके बाद हर्षण योग
करण: नाग दोपहर 3:13 बजे तक, इसके बाद किंस्तुघ्न
सूर्योदय: प्रातः 5:53 बजे
सूर्यास्त: सायं 7:11 बजे
चंद्रोदय: प्रातः 5:22 बजे
चंद्रास्त: सायं 7:29 बजे
चंद्र राशि: मिथुन से कर्क राशि में गोचर
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह में 03 बजकर 55 मिनट से सुबह 04 बजकर 41 मिनट तक ।
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 55 मिनट तक ।
अमृत काल : का समय रात्रि 10 बजकर 01 मिनट से रात्रि 11 बजकर 27 मिनट तक ।
शुभ मुहूर्त
राहुकाल : दोपहर में 03 बजकर 30 मिनट से दोपहर 05 बजकर 00 मिनट तक ।
गुलिकाल : दोपहर में 12 बजकर 00 मिनट से दोपहर 01 बजकर 30 मिनट तक ।
यमगण्ड : सुबह में 09 बजकर 00 मिनट से सुबह 10 बजकर 30 मिनट तक ।
आज का धार्मिक महत्व
आषाढ़ अमावस्या पर पवित्र नदी या तीर्थ में स्नान, पितरों का तर्पण, अन्न एवं वस्त्र का दान और पीपल वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व माना गया है। मंगलवार होने के कारण हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल और गुड़-चना अर्पित कर हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ फलदायी माना जाता है। भगवान शिव का जलाभिषेक भी विशेष पुण्य प्रदान करने वाला माना गया है।
आज का शुभ उपाय
आज किसी जरूरतमंद को अन्न, फल या वस्त्र का दान करें। शाम के समय पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाकर पितरों का स्मरण करें तथा हनुमान जी के मंदिर में जाकर सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करें।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।