भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। 12 जुलाई 2026, रविवार का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन भगवान सूर्यदेव की पूजा और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं 12 जुलाई 2026 का संपूर्ण पंचांग।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज रविवार आषाढ़, कृष्ण, त्रयोदशी है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 12 जुलाई 2026, राहुकाल शाम 05 बजकर 38 मिनट से सायं 07 बजकर 22 मिनट तक।
12 जुलाई 2026 पंचांग
दिन: रविवार
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
अयन: दक्षिणायन
ऋतु: वर्षा ऋतु
मास: आषाढ़
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: त्रयोदशी रात्रि 10 बजकर 29 मिनट तक उपरांत चतुर्दशी तिथि का आरंभ।
नक्षत्र: रोहिणी (रात्रि लगभग 10:58 बजे तक), इसके बाद मृगशिरा
योग: धृति
करण: तैतिल, फिर गर
सूर्योदय: प्रातः 5:33 बजे
सूर्यास्त: सायं 7:27 बजे
चंद्रोदय: प्रातः लगभग 2:44 बजे
चंद्रास्त: सायं लगभग 5:20 बजे
चंद्र राशि: वृषभ
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:59 बजे से 12:54 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 3:55 बजे से 4:51 बजे तक
अमृत काल: प्रातः 05 बजकर 57 मिनट से प्रातः 07 बजकर 03 मिनट तक
और फिर रात्रि 09 बजकर 55 मिनट से रात्रि 11 बजकर 19 मिनट तक।
अशुभ समय
राहुकाल: सायं 5:38 बजे से 7:22 बजे तक
यमगण्ड: दोपहर 12:27 बजे से 2:11 बजे तक
गुलिक काल: अपराह्न 3:54 बजे से 5:38 बजे तक
दुर्मुहूर्त: सायं 5:37 बजे से 6:32 बजे तक
आज का धार्मिक महत्व
रविवार के दिन सूर्यदेव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करें और लाल पुष्प अर्पित करें। आदित्य हृदय स्तोत्र या गायत्री मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। इससे मान-सम्मान, ऊर्जा और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।