शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को आषाढ़ कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी का पावन व्रत रखा जाएगा। जानिए आज का संपूर्ण पंचांग, शुभ-अशुभ समय और धार्मिक महत्व।
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, व्रत या मांगलिक कार्यक्रम से पहले पंचांग देखकर शुभ समय का निर्धारण किया जाता है। 10 जुलाई 2026, शुक्रवार का दिन भगवान विष्णु की आराधना को समर्पित योगिनी एकादशी के कारण अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। आइए जानते हैं आज का संपूर्ण पंचांग।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 10 जुलाई 2026,
10 जुलाई 2026 का पंचांग
दिन: शुक्रवार
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
मास: आषाढ़
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: एकादशी
नक्षत्र: कृत्तिका
योग: धृति
करण: बव
सूर्योदय: प्रातः 5:31 बजे (लगभग)
सूर्यास्त: सायं 7:22 बजे (लगभग)
चंद्रोदय: प्रातः (स्थानानुसार)
चंद्रास्त: दोपहर बाद (स्थानानुसार)
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:58 बजे से 12:53 बजे तक (लगभग)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 4:08 बजे से 4:49 बजे तक (लगभग)
राहुकाल
प्रातः 10:42 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक
आज का पर्व
योगिनी एकादशी व्रत
धार्मिक महत्व
योगिनी एकादशी भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित है। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति को पापों से मुक्ति, सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। श्रद्धालु इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा कर व्रत रखते हैं तथा अगले दिन द्वादशी तिथि में पारण करते हैं।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।