मंदिरों की संपत्ति पर अधिकार जताने वाली कांग्रेस अब राम मंदिर के नाम पर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है : कंगना रनौत
शिमला। मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद कंगना रनौत ने कांग्रेस पर भगवान श्रीराम और राम मंदिर के मुद्दे पर राजनीतिक अवसरवाद करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस कांग्रेस ने दशकों तक राम मंदिर निर्माण का विरोध किया, वही आज धार्मिक आस्था का सहारा लेकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश की जनता कांग्रेस के इस दोहरे रवैये को अच्छी तरह समझ चुकी है।
कंगना रनौत ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों भारतीयों की आस्था के केंद्र हैं और अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण सदियों के संघर्ष, त्याग और अनगिनत रामभक्तों की भावनाओं का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने लंबे समय तक तुष्टिकरण की राजनीति करते हुए राम मंदिर निर्माण के मार्ग में बाधाएं उत्पन्न कीं, लेकिन अब मंदिर बनने के बाद वही पार्टी राजनीतिक लाभ के लिए इस विषय को मुद्दा बना रही है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार का व्यवहार भी जनता के सामने है। सरकार ने मंदिरों की संपत्ति और मंदिरों के संसाधनों को सरकारी योजनाओं में उपयोग करने का प्रयास किया तथा धार्मिक संस्थाओं के धन पर अधिकार जताने की कोशिश की। ऐसे में कांग्रेस नेताओं द्वारा राम मंदिर और धार्मिक आस्था की बातें करना केवल राजनीतिक दोहरापन और अवसरवाद को दर्शाता है।
सांसद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सनातन संस्कृति, भारतीय परंपराओं और देश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रही है। भाजपा ने आस्था को कभी चुनावी हथियार नहीं बनाया, बल्कि उसे राष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान और करोड़ों लोगों की श्रद्धा के रूप में सम्मान दिया है।
कंगना रनौत ने कहा कि प्रदेश की जनता अब भावनात्मक मुद्दों पर राजनीति नहीं, बल्कि विकास, सुशासन और जनहित की राजनीति चाहती है। उन्होंने कांग्रेस से आग्रह किया कि वह धार्मिक विषयों पर राजनीति करने के बजाय अपनी सरकार की नीतियों, युवाओं से किए गए वादों और प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर जनता को जवाब दे।