भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। 7 जुलाई 2026 का पंचांग: हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, गृह प्रवेश, विवाह या नए कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग देखने की परंपरा है। पंचांग के माध्यम से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल और शुभ मुहूर्त की जानकारी मिलती है। आइए जानते हैं मंगलवार, 7 जुलाई 2026 का संपूर्ण पंचांग और आज के शुभ-अशुभ समय।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज आषाढ़, कृष्ण, अष्टमी, मंगलवार है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 7 जुलाई 2026,राहुकाल दोपहर 03 बजकर 30 मिनट से सायं 05 बजकर 00 मिनट तक।
तिथि: आषाढ़ मास, कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि दोपहर 01 बजकर 24 मिनट तक उपरांत अष्टमी तिथि का आरंभ।
वार: मंगलवार
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
अयन: उत्तरायण
ऋतु: वर्षा ऋतु
सूर्य राशि: मिथुन
चंद्र राशि: कुंभ
नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद (प्रातः तक), इसके बाद रेवती
योग: अतिगण्ड (इसके बाद सुकर्म योग)
करण: विष्टि (भद्रा) के बाद बव (समयानुसार परिवर्तन)
🌅 सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 5:29 बजे (लगभग)
सूर्यास्त: सायं 7:27 बजे (लगभग)
⏰ आज के प्रमुख मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 3:55 से 4:41 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:58 से 12:54बजे तक
विजय मुहूर्त: अपराह्न 2:44 से 3:39 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: सायं 7:26 से 7:46 बजे तक
⚠️ अशुभ समय
राहुकाल: अपराह्न 3:30 से 5:00 बजे तक
यमगण्ड: प्रातः 9:00 से 10:30 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 12:00 से 1:30 बजे तक
दुर्मुहूर्त: प्रातः 8:18 से 9:12 बजे तक (स्थानानुसार परिवर्तन संभव)
🌺 व्रत एवं पर्व
मासिक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत
श्रीकृष्ण की पूजा, तुलसी अर्चन और विष्णु सहस्रनाम के पाठ का विशेष महत्व माना गया है।
🔱 आज का विशेष उपाय
मंगलवार के दिन हनुमान जी को चमेली के तेल का दीपक अर्पित करें, सिंदूर चढ़ाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें। यदि आर्थिक परेशानियां चल रही हों तो श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री का भोग लगाकर "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र की 108 बार जप करें।
🌟 आज का शुभ संकेत
आज का दिन साहस, परिश्रम और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल माना जा रहा है। नौकरी, व्यापार और शिक्षा से जुड़े लोगों को सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। धार्मिक कार्यों और दान-पुण्य से मानसिक शांति तथा शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।