भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। यदि आप 5 जुलाई 2026, रविवार के शुभ-अशुभ समय, तिथि, नक्षत्र और मुहूर्त जानना चाहते हैं, तो यहां पढ़ें आज का संपूर्ण वैदिक पंचांग।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज आषाढ़, कृष्ण, पंचमी, रविवार है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 5 जुलाई 2026, राहुकाल शाम 5:39 बजे से 7:24 बजे तक ।
🗓️ आज का पंचांग - दिनांक: 5 जुलाई 2026
वार: रविवार
हिंदू मास: आषाढ़
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: पंचमी (दोपहर तक), इसके बाद षष्ठी
नक्षत्र: शतभिषा, बाद में पूर्वाभाद्रपद
योग: आयुष्मान, इसके बाद सौभाग्य
करण: तैतिल, इसके बाद गर
चंद्रमा: कुंभ राशि में
सूर्य: मिथुन राशि में
🌅 सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 5:29 बजे (लगभग)
सूर्यास्त: सायं 7:24 बजे (लगभग)
नोट: सूर्योदय और सूर्यास्त का समय आपके शहर के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:58 बजे से 12:54 बजे तक
अमृत काल: प्रातः 7:49 बजे से 9:29 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:45 बजे से 3:40 बजे तक
⚠️ अशुभ समय
राहुकाल: शाम 5:39 बजे से 7:24 बजे तक
यमगंड: दोपहर 12:27 बजे से 2:11 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 3:56 बजे से 5:39 बजे तक
दिशाशूल: पश्चिम दिशा
🌿 आज का धार्मिक महत्व
रविवार भगवान सूर्यदेव की आराधना का दिन माना जाता है। आज प्रातः स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, लाल पुष्प और अक्षत डालकर सूर्यदेव को अर्घ्य दें। इसके बाद "ॐ घृणि सूर्याय नमः" मंत्र का 11 या 21 बार जाप करना शुभ माना जाता है। इससे आत्मबल, स्वास्थ्य और मान-सम्मान में वृद्धि होने की मान्यता है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।