देशभर के 150 प्रतिभागी ले रहे हिस्सा, डिजिटल शिक्षण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आउटकम बेस्ड एजुकेशन पर विशेषज्ञ देंगे प्रशिक्षण
कांगड़ा, 4 जुलाई। जिला कांगड़ा स्थित लॉरिएट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में शनिवार को छह दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का शुभारंभ हुआ। यह कार्यक्रम 4 से 9 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य विषय 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020: रटने की पद्धति से अनुभवात्मक एवं छात्र-केंद्रित शिक्षण की ओर' रखा गया है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षण पद्धतियों में तकनीकी नवाचार, आधुनिक शिक्षण विधियों और बेहतर शैक्षणिक परिणामों को बढ़ावा देना है।
इस फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन एसोसिएशन ऑफ फार्मास्यूटिकल टीचर्स ऑफ इंडिया (APTI), सोसाइटी ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (SPER) तथा लॉरिएट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम को फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) तथा हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय, हमीरपुर का भी सहयोग प्राप्त है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) राजेश कुमार, डीन (अकादमिक), हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय, हमीरपुर रहे, जबकि विशेष अतिथि के रूप में डॉ. राजेंद्र गुलेरिया, एपीटीआई हिमाचल प्रदेश से उपस्थित रहे। संस्थान के प्रबंधक एवं निदेशक डॉ. रण सिंह तथा प्राचार्य एवं कार्यक्रम समन्वयक प्रो. (डॉ.) एम.एस. आशावत ने अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया।
अपने संबोधन में प्रो. (डॉ.) एम.एस. आशावत ने कहा कि ऐसे संकाय विकास कार्यक्रम शिक्षकों के ज्ञान, कौशल और शिक्षण दक्षता को निरंतर विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों का समयानुकूल प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के संयोजक प्रो. (डॉ.) विनय पंडित हैं। छह दिवसीय इस कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविद और विशेषज्ञ अपने व्याख्यान देंगे। प्रमुख वक्ताओं में डॉ. वी.के. मौर्य, डॉ. केतन रांच, डॉ. आदित्य शुक्ला तथा डॉ. अशोक शर्मा शामिल हैं।
पहले दिन डॉ. केतन रांच ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने फार्मेसी शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, आधुनिक शिक्षण तकनीकों तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम में देश के विभिन्न संस्थानों से लगभग 150 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। आगामी सत्रों में प्रतिभागियों को डिजिटल शिक्षण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शिक्षण, अनुसंधान एवं नवाचार, आउटकम बेस्ड एजुकेशन (OBE), प्रभावी कक्षा प्रबंधन तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। आयोजकों के अनुसार यह प्रशिक्षण शिक्षकों को नई तकनीकों से जोड़ने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुख शिक्षा प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा।
कार्यक्रम के अंत में डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. सी.पी.एस. वर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. अमरदीप, डॉ. प्रतिमा आशावत, डॉ. परवीन, डॉ. अदिति, डॉ. शिव कुमार सहित संस्थान के अन्य संकाय सदस्य एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।