2 जुलाई 2026 पंचांग | गुरुवार
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। यदि आप 2 जुलाई 2026 को कोई शुभ कार्य, पूजा-पाठ, गृह प्रवेश, वाहन खरीद, यात्रा या नया व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो पंचांग की जानकारी अवश्य देखें। हिंदू पंचांग के अनुसार आज आषाढ़ मास, कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है। आज के दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। आइए जानते हैं 2 जुलाई 2026 का संपूर्ण पंचांग।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज गुरुवार, आषाढ़, कृष्ण, तृतीया है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 2 जुलाई 2026 , राहुकाल दोपहर 02 बजकर 10 मिनट से सायं 03 बजकर 54 मिनट तक।
📅 आज का पंचांग (2 जुलाई 2026)
दिन: गुरुवार
तिथि: आषाढ़ कृष्ण द्वितीया (पूर्वाह्न 9:37 बजे तक), इसके बाद तृतीया
पक्ष: कृष्ण पक्ष
मास: आषाढ़
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
अयन: उत्तरायण
ऋतु: वर्षा ऋतु
सूर्य राशि: मिथुन
चंद्र राशि: मकर
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा (सुबह 10:57 बजे तक), इसके बाद श्रवण
योग: वैधृति (शाम 6:09 बजे तक), इसके बाद विष्कम्भ
करण: गर, इसके बाद वणिज
🌅 सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: सुबह 5:28 बजे
सूर्यास्त: शाम 7:24 बजे
चंद्रोदय: रात लगभग 9:45 बजे
चंद्रास्त: सुबह लगभग 8:35 बजे
समय आपके शहर के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक ।
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह में 03 बजकर 55 मिनट से सुबह 04 बजकर 41 मिनट तक ।
यह समय अधिकांश शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल : दोपहर में 02 बजकर 00 मिनट से दोपहर 03 बजकर 30 मिनट तक ।
गुलिकाल : सुबह में 09 बजकर 00 मिनट से सुबह 10 बजकर 30 मिनट तक ।
यमगण्ड : सुबह में 06 बजकर 00 मिनट से सुबह 07 बजकर 30 मिनट तक ।
🌼 आज का धार्मिक महत्व
गुरुवार भगवान श्रीहरि विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित है। आज पीले वस्त्र धारण करना, केले के वृक्ष की पूजा करना, चने की दाल और हल्दी का दान करना तथा "ॐ बृं बृहस्पतये नमः" मंत्र का जाप करना शुभ फलदायी माना जाता है।
🔮 आज का शुभ संकेत
आज उत्तराषाढ़ा और श्रवण नक्षत्र का संयोग अनुशासन, शिक्षा, करियर और नई योजनाओं के लिए अनुकूल माना जाता है। यदि कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना हो तो शुभ मुहूर्त का ध्यान अवश्य रखें।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।