भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। 30 जून 2026, मंगलवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज से आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की शुरुआत हो रही है। किसी भी शुभ कार्य, यात्रा, पूजा-पाठ या नए कार्य का आरंभ करने से पहले आज का पंचांग अवश्य जान लें।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज मंगलवार आषाढ़, कृष्ण, प्रतिपदा है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु । शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 30 जून 2026, राहुकाल दोपहर 03 बजकर 54 मिनट से सायं 05 बजकर 39 मिनट तक।
📅 30 जून 2026 का दैनिक पंचांग
दिन: मंगलवार
तिथि: आषाढ़ कृष्ण पक्ष प्रतिपदा
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
मास: आषाढ़
पक्ष: कृष्ण पक्ष
नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा
योग: इन्द्र योग
करण: बालव, तत्पश्चात कौलव
सूर्योदय: प्रातः लगभग 5:26 बजे
सूर्यास्त: सायं लगभग 7:22 बजे
चंद्रोदय: स्थानानुसार
चंद्र राशि: धनु
🌸 शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 3:54 बजे से 4:40 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:57 बजे से 12:53 बजे तक
अमृत काल: प्रातः तड़के 01 बजकर 29 मिनट (1 जुलाई) से सुबह 03 बजकर 17 मिनट (1 जुलाई) तक ।
⚠️ अशुभ समय
राहुकाल: अपराह्न 3:54 बजे से 5:39 बजे तक
यमगण्ड: प्रातः 8:56 बजे से 10:40 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 12:25 बजे से 2:09 बजे तक
दुर्मुहूर्त: दिन में दो बार (स्थानानुसार समय में अंतर संभव)
🙏 आज का धार्मिक महत्व
आज से आषाढ़ कृष्ण पक्ष का शुभारंभ हो रहा है। मंगलवार होने के कारण भगवान हनुमान जी की पूजा-अर्चना, हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है। श्रद्धालु आज संकटमोचन हनुमान के दर्शन कर सुख-समृद्धि, साहस और स्वास्थ्य की कामना करते हैं।
यदि किसी नए कार्य की शुरुआत करनी हो तो राहुकाल से बचते हुए शुभ मुहूर्त का चयन करना लाभकारी रहेगा।
आज का शुभ मंत्र
॥ ॐ हं हनुमते नमः ॥
आज का प्रेरक विचार
"सच्ची श्रद्धा और कर्म ही जीवन की सबसे बड़ी सफलता का आधार हैं।"
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।