भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
29 जून 2026, सोमवार का दिन धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष महत्व रखता है। आज ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा है। इस अवसर पर देव स्नान पूर्णिमा, वट पूर्णिमा व्रत और संत कबीर जयंती जैसे महत्वपूर्ण पर्व मनाए जाएंगे। मान्यता है कि इस दिन स्नान, दान, जप, तप और भगवान विष्णु व शिव की पूजा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज सोमवार, ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु । शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 29 जून 2026, राहुकाल प्रातः 07 बजकर 11 मिनट से प्रातः 08 बजकर 55 मिनट तक।
📅 आज का पंचांग (29 जून 2026)
दिनांक: 29 जून 2026
वार: सोमवार
मास: ज्येष्ठ
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: पूर्णिमा (30 जून प्रातः लगभग 5:26 बजे तक)
नक्षत्र: मूल (30 जून प्रातः लगभग 4:03 बजे तक)
योग: शुक्ल योग
करण: विष्टि (भद्रा) के बाद बव
चंद्रमा: धनु राशि में
सूर्य: मिथुन राशि में
ऋतु: वर्षा ऋतु
अयन: उत्तरायण
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थी)
शक संवत: 1948
🌅 सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 5:26 बजे
सूर्यास्त: सायं 7:23 बजे
नोट: सूर्योदय एवं सूर्यास्त का समय आपके शहर के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।
⏰ आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 11:58 बजे से 12:54 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह में 03 बजकर 54 मिनट से सुबह 04 बजकर 40 मिनट तक ।
अमृत काल : का समय रात्रि में 08 बजकर 53 मिनट से रात्रि 10 बजकर 40 मिनट तक ।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल -प्रातः 7:11 बजे से 8:55 बजे तक
गुलिकाल: दोपहर में 02 बजकर 09 मिनट से सायं 03 बजकर 54 मिनट तक ।
यमगण्ड: प्रातः 10 बजकर 40 मिनट से दोपहर 12 बजकर 25 मिनट तक ।
दिशाशूल
पूर्व दिशा
यदि पूर्व दिशा की यात्रा आवश्यक हो तो दही या दूध का सेवन करके प्रस्थान करना शुभ माना जाता है।
🌕 आज के प्रमुख पर्व एवं व्रत
ज्येष्ठ पूर्णिमा
देव स्नान पूर्णिमा (देव स्नान यात्रा)
वट पूर्णिमा व्रत
संत कबीर जयंती
🙏 आज का धार्मिक महत्व
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर भगवान विष्णु, भगवान शिव और चंद्र देव की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, सत्यनारायण भगवान की कथा, दान-पुण्य तथा पीपल और वट वृक्ष की पूजा करने से सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
ओडिशा के जगन्नाथ मंदिर में आज देव स्नान पूर्णिमा के अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा का भव्य स्नान उत्सव आयोजित किया जाता है। इसी दिन से भगवान जगन्नाथ के अनसर काल (विश्राम अवधि) की शुरुआत होती है, जिसके बाद विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा का आयोजन किया जाता है।
🌟 आज का शुभ संदेश
"पूर्णिमा का प्रकाश हमें यह संदेश देता है कि जीवन में ज्ञान, सेवा और सकारात्मकता का प्रकाश सदैव अंधकार पर विजय प्राप्त करता है।"
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।