भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
वैदिक पंचांग के अनुसार 24 जून 2026, बुधवार का दिन धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और शुभ आयोजनों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। आज चंद्रमा तुला राशि में विराजमान रहेंगे, जिससे संतुलन, सौहार्द और सहयोग की भावना को बल मिलेगा। यदि आप किसी शुभ कार्य की योजना बना रहे हैं, तो पहले आज का पंचांग अवश्य जान लें।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बुधवार, ज्येष्ठ शुक्ल दशमी है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, ग्रीष्म ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 24 जून 2026, राहुकाल दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से दोपहर 01 बजकर 30 मिनट तक।
24 जून 2026 पंचांग
पंचांग विवरण जानकारी
वार बुधवार
पक्ष शुक्ल पक्ष
तिथि दशमी सायं 06:12 बजे तक रहेगी, जिसके बाद एकादशी तिथि शुरू होगी।
नक्षत्र चित्रा, बाद में स्वाति
योग परिघ, बाद में शिव योग
करण गर, बाद में वणिज
चंद्र राशि तुला
सूर्य राशि मिथुन
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 5:25 बजे (स्थानानुसार समय में थोड़ा अंतर संभव)
सूर्यास्त: सायं 7:20 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त - प्रातः 3:53 बजे से 4:49 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 11:55 बजे से 12:50 बजे तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 2:55 बजे से 3:49 बजे तक
अमृत काल - सुबह 7:01 बजे से 8:45 बजे तक
अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक
यमगण्ड काल: सुबह 7:30 बजे से 9:03 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 10:30 बजे से 12:00 बजे तक
इन समयों में नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से बचना शुभ माना जाता है।
आज का धार्मिक महत्व
बुधवार का दिन भगवान गणेश और भगवान विष्णु की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। आज शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि होने के कारण धार्मिक अनुष्ठान, दान-पुण्य और मंत्र जाप का विशेष फल प्राप्त हो सकता है। व्यापार, शिक्षा और बुद्धि से जुड़े कार्यों के लिए भी दिन अनुकूल माना गया है।
आज का शुभ उपाय
आज भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें और "ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें। ऐसा करने से कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होने और सफलता मिलने की मान्यता है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।