भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। हिंदू पंचांग के अनुसार 23 जून 2026, मंगलवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा या नए कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग की जानकारी लेना लाभकारी माना जाता है।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज मंगलवार ज्येष्ठ शुक्ल नवमी है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, ग्रीष्म ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 23 जून 2026, राहुकाल दोपहर 03 बजकर 30 मिनट से शाम 05 बजकर 00 मिनट तक।
पंचांग – 23 जून 2026
दिन: मंगलवार
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
मास: आषाढ़
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: नवमी दोपहर 04 बजकर 39 मिनट तक उपरांत दशमी तिथि का आरंभ।
नक्षत्र: हस्त
योग: सिद्धि
करण: विष्टि (भद्रा), बाद में बव
चंद्र राशि: कन्या
सूर्य राशि: मिथुन
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 5:25 बजे (लगभग)
सूर्यास्त: सायं 7:24 बजे (लगभग)
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 03 बजकर 52 मिनट से सुबह 04 बजकर 38 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:56 बजे से 12:52 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:43 बजे से 3:39 बजे तक
अमृत काल: सुबह में 05 बजकर 31 मिनट से 07 बजकर 13 मिनट तक ।
अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 3:30 बजे से 5:00 बजे तक
यमगण्ड: प्रातः 8:59 बजे से 10:30 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक
आज का विशेष महत्व
मंगलवार का दिन भगवान हनुमान की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर हनुमान चालीसा, सुंदरकांड पाठ और बजरंग बाण का पाठ शुभ फलदायी माना जाता है।
आज का शुभ उपाय
हनुमान मंदिर में चमेली के तेल का दीपक जलाकर "ॐ हनुमते नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है।
शुभ अंक: 9
शुभ रंग: लाल
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।