भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। सनातन परंपरा में पंचांग का विशेष महत्व है। 21 जून 2026, रविवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दिन ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि रहेगी। साथ ही विश्वभर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भी मनाया जाएगा।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज रविवार ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, ग्रीष्म ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 21 जून 2026, राहुकाल सायं 05 बजकर 37 मिनट से 07 बजकर 22 मिनट तक।
आज का पंचांग
📅 तारीख: 21 जून 2026, रविवार
🌞 सूर्य राशि: मिथुन
🌙 चंद्र राशि: सिंह
🕉️ मास: ज्येष्ठ
📖 पक्ष: शुक्ल पक्ष
📆 संवत: विक्रम संवत 2083
तिथि - शुक्ल सप्तमी तिथि दोपहर 03 बजकर 20 मिनट तक उपरांत अष्टमी तिथि का आरंभ।नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र – दोपहर 2:28 बजे तक इसके बाद उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र रहेगा।
योग - सिद्धि योग – प्रातः 11:21 बजे तक इसके बाद व्यतीपात योग का आरंभ होगा।
करण - गरज
वणिज - विष्टि (भद्रा)
शुभ मुहूर्त
✅ अभिजीत मुहूर्त: 11:55 बजे से 12:51 बजे तक
✅ सर्वार्थ सिद्धि योग: दोपहर 2:33 बजे से अगले दिन सूर्योदय तक
✅ अमृत काल: अगले दिन प्रातः 3:06 बजे से 4:42 बजे तक
अशुभ समय
❌ राहुकाल: सायं 5:37 बजे से 7:22 बजे तक
❌ यमगण्ड काल: दोपहर 12:23 बजे से 2:07 बजे तक
❌ गुलिक काल: दोपहर 3:52 बजे से 5:37 बजे तक
आज का विशेष महत्व
21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। इस दिन योग, ध्यान, सूर्य नमस्कार और आध्यात्मिक साधना का विशेष महत्व माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग के संयोग से यह दिन कई शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जा सकता है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।