भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा या नए कार्य की शुरुआत से पहले तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ मुहूर्त का विचार किया जाता है। आइए जानते हैं शनिवार, 20 जून 2026 का विस्तृत पंचांग।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शनिवार ज्येष्ठ शुक्ल षष्ठी है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, ग्रीष्म ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 20 जून 2026, राहुकाल सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक।
पंचांग विवरण
📅 दिनांक: 20 जून 2026
🗓️ वार: शनिवार
🌙 पक्ष: शुक्ल पक्ष
📖 तिथि: षष्ठी ( दोपहर 03 बजकर 46 मिनट तक ) तत्पश्चात सप्तमी प्रारंभ
नक्षत्र
⭐ मघा नक्षत्र दोपहर तक
⭐ इसके बाद पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का आरंभ
योग
✨ वज्र योग
✨ इसके पश्चात सिद्धि योग
करण
🔹 तैतिल करण
🔹 गर करण
सूर्योदय और सूर्यास्त
🌅 सूर्योदय: प्रातः 5:23 बजे (लगभग)
🌇 सूर्यास्त: सायं 7:21 बजे (लगभग)
शुभ मुहूर्त
✅ अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 55 मिनट से 12 बजकर 51 मिनट तक।
अमृत काल: प्रातः 07 बजकर 06 मिनट से 08 बजकर 39 मिनट तक, फिर अगले दिन तड़के 03 बजकर 06 मिनट (21 जून) से सुबह 04 बजकर 42 मिनट (21 जून) तक।
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 3 बजकर 52 मिनट से 4 बजकर 38 मिनट तक।
इस समय में किए गए कार्यों को सफलता और शुभ फल प्राप्त होने की मान्यता है।
राहुकाल एवं अशुभ समय
❌ राहुकाल: सुबह 8:59 बजे से 10:30 बजे तक
❌ यमगण्ड काल: दोपहर 1:30 बजे से 3:30 बजे तक
❌ गुलिक काल: सुबह 6:06 बजे से 7:39 बजे तक
इन समयों में नए एवं मांगलिक कार्यों से बचना शुभ माना जाता है।
आज का धार्मिक महत्व
20 जून 2026 को शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। यह तिथि भगवान कार्तिकेय एवं देवी उपासना के लिए विशेष मानी जाती है। शनिवार होने के कारण शनि देव की पूजा, पीपल वृक्ष की सेवा तथा जरूरतमंदों को दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है।
आज का शुभ उपाय
🔸 शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
🔸 काले तिल का दान करें।
🔸 पीपल वृक्ष के नीचे दीप प्रज्वलित करें।
🔸 हनुमान चालीसा का पाठ करें।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।