पीएम विकसित भारत रोजगार योजना: 19 जून को 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित करेंगे प्रधानमंत्री मोदी
शिमला में भी होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम, सांसद सुरेश कश्यप और मंत्री हर्षवर्धन चौहान रहेंगे मौजूद
शिमला/नई दिल्ली, 17 जून। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और औपचारिक रोजगार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi 19 जून 2026 को प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के तहत देशभर के लाभार्थियों को लगभग 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित करेंगे। यह कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित Vigyan Bhavan में शाम 5 बजे आयोजित किया जाएगा।
इसी अवसर पर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के क्षेत्रीय कार्यालय शिमला द्वारा सीपीआरआई ऑडिटोरियम, शिमला में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश के श्रम एवं रोजगार, उद्योग तथा संसदीय कार्य मंत्री Harshwardhan Chauhan करेंगे। जबकि Suresh Kumar Kashyap और Harish Janartha विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का उद्देश्य रोजगार सृजन को गति देना, रोजगार को औपचारिक स्वरूप प्रदान करना तथा सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करना है। योजना के माध्यम से अब तक देशभर में लगभग 15 लाख लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
योजना के तहत पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को अधिकतम 15,000 रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाता है, जिससे उन्हें कार्यबल में प्रवेश करने में सहायता मिलती है। वहीं अतिरिक्त रोजगार उपलब्ध कराने वाले नियोक्ताओं को प्रति नए कर्मचारी पर प्रतिमाह 3,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
सरकार ने विनिर्माण क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता देते हुए इस क्षेत्र के नियोक्ताओं के लिए चार वर्षों तक प्रोत्साहन लाभ का प्रावधान किया है, जबकि अन्य क्षेत्रों के नियोक्ता दो वर्षों तक इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
1 अगस्त 2025 से लागू प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का कुल परिव्यय 99,446 करोड़ रुपये है। योजना का लक्ष्य दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार अवसरों को प्रोत्साहित करना है, जिनमें लगभग 1.92 करोड़ युवा पहली बार कार्यबल में शामिल होंगे।
सरकार का मानना है कि यह योजना रोजगार आधारित विकास को मजबूत करेगी, सामाजिक सुरक्षा के दायरे का विस्तार करेगी और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।