भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। बुधवार, 10 जून 2026 का दिन हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ अधिक मास, कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि का दिन है। इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं, जो धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बुधवार ज्येष्ठ कृष्ण दशमी है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, ग्रीष्म ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 10 जून 2026 , राहुकाल दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक।
पंचांग विवरण
पंचांग तत्व विवरण
वार बुधवार
मास ज्येष्ठ (अधिक मास)
पक्ष कृष्ण पक्ष
तिथि दशमी अगले दिन तड़के 12:57 बजे (11 जून) तक, फिर एकादशी
नक्षत्र उत्तराभाद्रपद प्रातः 9:21 बजे तक, तत्पश्चात रेवती
योग आयुष्मान प्रातः 6:29 बजे तक, उसके बाद सौभाग्य योग
करण वणिज, तत्पश्चात विष्टि (भद्रा)
विक्रम संवत 2083
शक संवत 1948
ऋतु ग्रीष्म
अयन उत्तरायण
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 5:44 बजे
सूर्यास्त: सायं 7:08 बजे
चंद्रोदय और चंद्रास्त
चंद्रोदय: रात्रि 1:24 बजे
चंद्रास्त: दोपहर 2:11 बजे
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त - कोई नहीं।
अमृत काल- कोई नहीं।
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 3 बजकर 52 मिनट से 4 बजकर 38 मिनट तक।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल - दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक ।
गुलिक काल- सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 बजे तक ।
यमगंड सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक।
आज का शुभ योग - सौभाग्य योग
प्रातः 6:29 बजे से सौभाग्य योग प्रारंभ होगा, जो शुभ कार्यों, पूजा-पाठ, खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल माना जाता है।
आज का धार्मिक महत्व
10 जून 2026 को कृष्ण पक्ष दशमी तिथि रहेगी। अगले दिन परमा एकादशी व्रत का विशेष महत्व रहेगा, जिसकी तैयारी और संकल्प इस दिन से भी किए जा सकते हैं।
आज का शुभ मंत्र - ॐ बुं बुधाय नमः।
बुधवार के दिन भगवान गणेश और बुध ग्रह की उपासना करने से बुद्धि, वाणी और व्यापार में सफलता प्राप्त होने की मान्यता है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।