भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
धार्मिक दृष्टि से शनिवार, 6 जून 2026 का दिन विशेष महत्व रखता है। आज कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है। शनिदेव की उपासना, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना के लिए दिन शुभ माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य से पहले आज का पंचांग अवश्य जान लें।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शनिवार ज्येष्ठ कृष्ण षष्ठी है। ग्रीष्म ऋतु, सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 6 जून 2026, राहुकाल सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक।
आज का पंचांग
दिन शनिवार
तिथि कृष्ण पक्ष षष्ठी अगले दिन तड़के 02 बजकर 40 मिनट (7 जून) तक उपरांत सप्तमी तिथि का आरंभ।
नक्षत्र श्रवण, तत्पश्चात धनिष्ठा
योग इन्द्र योग
करण गर, फिर वणिज
सूर्य राशि वृषभ
चंद्र राशि मकर से कुंभ
ऋतु ग्रीष्म
अयन उत्तरायण
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 5:44 बजे
सूर्यास्त: सायं 7:06 बजे
आज का शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 11 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक।
अमृत काल रात्रि 08 बजकर 43 मिनट से रात्रि 10 बजकर 26 मिनट तक।
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 3 बजकर 52 मिनट से 4 बजकर 38 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल - सुबह 09:00 से 10:30 बजे तकरहेगा।
गुलिक काल - सुबह 06:00 से 07:30 बजे तक रहेगा।
यमगंड - दोपहर 01:30 से 03:30 बजे तक रहेगा।
आज का धार्मिक महत्व
शनिवार होने के कारण आज शनिदेव की विशेष पूजा-अर्चना का महत्व है। पीपल वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने और जरूरतमंदों को दान देने से शुभ फल की प्राप्ति हो सकती है। हनुमान जी की आराधना भी लाभदायक मानी गई है।
आज का शुभ संकेत
शुभ रंग: नीला, काला
शुभ अंक: 8 और 9
शुभ दिशा: पश्चिम
आज का संदेश
"कर्म और धैर्य का संगम सफलता की राह को आसान बनाता है। आज सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें और अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित रखें।"
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।