भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। हिंदू पंचांग के अनुसार 4 जून 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस दिन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि रहेगी और संकष्टी चतुर्थी व्रत भी मनाया जाएगा। भगवान गणेश की पूजा-अर्चना और व्रत करने से जीवन की बाधाओं को दूर करने तथा सुख-समृद्धि प्राप्त करने का विधान है। आइए जानते हैं 4 जून 2026 का संपूर्ण पंचांग।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज गुरुवार अधिक मास कृष्ण पक्ष की चतुर्थी है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 4 जून 2026,राहुकाल दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक।
📅 4 जून 2026 पंचांग
दिन: गुरुवार
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: चतुर्थी रात्रि 11:30 बजे तक, इसके बाद पंचमी
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा (अगले दिन प्रातः 3:41 बजे तक)
योग: शुक्ल योग प्रातः 9:02 बजे तक, तत्पश्चात ब्रह्म योग
करण: बव, बालव एवं कौलव
सूर्योदय: प्रातः 5:44 बजे
सूर्यास्त: सायं 7:05 बजे
चंद्र राशि: धनु से मकर राशि में प्रवेश
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 11 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक।
अमृत काल रात्रि 08 बजकर 34 मिनट से रात्रि 10 बजकर 21 मिनट तक।
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 3 बजकर 52 मिनट से 4 38 मिनट तक।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल दोपहर 1:30 बजे से 3:00 बजे तक
गुलिक काल - सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक ।
यमगंड - सुबह 06:00 से 07:30 बजे तक ।
आज का विशेष पर्व
संकष्टी चतुर्थी
कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर मनाई जाने वाली संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित होती है। श्रद्धालु दिनभर व्रत रखकर रात्रि में चंद्र दर्शन के बाद व्रत का पारण करते हैं। मान्यता है कि इस व्रत से सभी प्रकार के संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
✨ आज का शुभ संदेश
गुरुवार के दिन भगवान विष्णु, बृहस्पति देव और श्रीगणेश की आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है। पीले वस्त्र धारण करना, केले के वृक्ष की पूजा करना और गणेश मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाएगा।
मंत्र: - ॐ गं गणपतये नमः।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।