भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। ग्रह-नक्षत्रों की शुभ स्थिति के बीच आज का दिन भगवान गणेश की आराधना और नए कार्यों की योजना बनाने के लिए अनुकूल माना जा रहा है। ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली यह तिथि आध्यात्मिक साधना, पूजा-पाठ और आत्मचिंतन के लिए विशेष महत्व रखती है।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बुधवार अधिक मास कृष्ण पक्ष की तृतीया है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 3 जून 2026, राहुकाल दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक।
📜 पंचांग सार
🔸 दिनांक: 3 जून 2026
🔸 वार: बुधवार
🔸 पक्ष: कृष्ण पक्ष
🔸 तिथि: कृष्ण तृतीया ( रात्रि 09:21 बजे तक), तत्पश्चात चतुर्थी
🔸 नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा
🔸 योग: शुभ
🔸 करण: वणिज
☀️ सूर्य संबंधी जानकारी
सूर्योदय: प्रातः 5:23 बजे (लगभग)
सूर्यास्त: सायं 7:15 बजे (लगभग)
अशुभ समय
राहुकाल - दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक
यमगण्ड - प्रातः 7:07 बजे से 8:51 बजे तक
गुलिक काल - सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 बजे तक रहेगा।
इस अवधि में महत्वपूर्ण एवं मांगलिक कार्यों को टालना बेहतर माना जाता है।
🌼 शुभ मुहूर्त
✨ अभिजीत मुहूर्त: 11:51 बजे से 12:47 बजे तक
✨ विजय मुहूर्त: 2:35 बजे से 3:28 बजे तक
✨ अमृत काल: सायं 7:37 बजे से 9:25 बजे तक
🙏 आज का पर्व
श्री गणेश संकष्टी चतुर्थी
आज सायंकाल से चतुर्थी तिथि आरंभ होने के कारण भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। विघ्नहर्ता गणपति की आराधना से कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होने की मान्यता है।
आज का उपाय
हरे मूंग का दान करें और गणेश मंदिर में दूर्वा अर्पित करें।
मंत्र जप करें— ॥ ॐ गं गणपतये नमः ॥
🌟 आज का शुभ रंग - हरा
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।