पठानकोट–जोगिंदरनगर रेल सेवा चार साल बाद बहाल, कांगड़ा स्टेशन पर हुआ स्वागत
प्रमुख बिंदु
4 साल बाद पठानकोट–जोगिंदरनगर रेल सेवा फिर शुरू।
चक्की नदी पर नया रेलवे पुल करीब ₹70 करोड़ की लागत से तैयार।
कांगड़ा स्टेशन पर अनुराग ठाकुर ने ट्रेन को दिखाई हरी झंडी।
रेल सेवा बहाली से पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ।
केंद्र सरकार ने हिमाचल में रेल परियोजनाओं के लिए ₹2,911 करोड़ स्वीकृत करने का दावा किया।
कांगड़ा, 2 जून। लगभग चार वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पठानकोट–जोगिंदरनगर नैरो गेज रेल सेवा मंगलवार से पूर्ण रूप से बहाल हो गई। अगस्त 2023 में आई भीषण बाढ़ के दौरान चक्की नदी पर बना रेलवे पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण यह महत्वपूर्ण रेल मार्ग बंद हो गया था। अब करीब 70 करोड़ रुपये की लागत से बने नए पुल के निर्माण और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद रेल संचालन फिर शुरू कर दिया गया है।
मंगलवार सुबह जब पठानकोट से चली ट्रेन कांगड़ा रेलवे स्टेशन पहुंची तो पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर सांसद Anurag Thakur ने कांगड़ा-चंबा के सांसद Rajeev Bhardwaj की उपस्थिति में ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि पठानकोट और जोगिंदरनगर के बीच रेल सेवा की बहाली हिमाचल प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में हिमाचल प्रदेश में रेल सेवाओं के विस्तार और बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिली है।
उन्होंने बताया कि अगस्त 2023 की बाढ़ में पंजाब-हिमाचल सीमा पर स्थित चक्की रेलवे पुल को भारी नुकसान पहुंचा था, जिससे रेल संपर्क बाधित हो गया था। इस पुल के पुनर्निर्माण की मांग केंद्र सरकार के समक्ष उठाई गई, जिसके बाद रेल मंत्रालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आधुनिक तकनीक से नए पुल का निर्माण कराया।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि रेल सेवा बहाल होने से हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय व्यापार और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा लोगों की आवाजाही पहले की तुलना में अधिक सुगम होगी। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि हिमाचल प्रदेश में रेल नेटवर्क विस्तार के लिए केंद्र सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 में 2,911 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, जो राज्य में रेल नेटवर्क के विस्तार, आधुनिकीकरण, सुरक्षा परियोजनाओं और विद्युतीकरण के लिए उपयोग किए जाएंगे।