वैदिक पंचांग के अनुसार आज का दिन कैसा रहेगा?
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
मंगलवार, 2 जून 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है। पूजा-पाठ, मंत्र जाप, हनुमान जी की आराधना तथा शुभ कार्यों की योजना बनाने से पहले पंचांग की जानकारी अवश्य जान लें।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज मंगलवार ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 2 जून 2026,राहुकाल दोपहर 03:30 से 05:00 बजे तक।
🕉️ आज का पंचांग
🔸 वार: मंगलवार
🔸 मास: ज्येष्ठ मास
🔸 पक्ष: कृष्ण पक्ष
🔸 तिथि: द्वितीया (सायं 7:01 बजे तक) फिर तृतीया
🔸 नक्षत्र: मूल (रात्रि 10:06 बजे तक)
🔸 योग: साध्य योग
🔸 करण: तैतिल एवं गर
🔸 चंद्रमा: धनु राशि में
🔸 सूर्य: वृषभ राशि में
🔸 विक्रम संवत: 2083
🌅 सूर्योदय और सूर्यास्त
☀️ सूर्योदय: प्रातः 5:23 बजे
🌇 सूर्यास्त: सायं 7:14 बजे
⭐ आज के शुभ मुहूर्त
✅ ब्रह्म मुहूर्त: 3:47 AM से 4:35 AM तक
✅ अभिजीत मुहूर्त: 11:51 AM से 12:46 PM तक
✅ विजय मुहूर्त: 2:57 PM से 3:51 PM तक
✅ अमृत काल: 3:00 PM से 4:43 PM तक
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल - दोपहर 3:30 बजे से 5:00 बजे तक
गुलिक काल -दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक रहेगा।
-यमगंड - सुबह 09:00 से 10:30 बजे तकरहेगा।
इस अवधि में नए कार्यों की शुरुआत और महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचना शुभ माना जाता है।
🙏 धार्मिक महत्व
मंगलवार का दिन संकटमोचन हनुमान जी को समर्पित होता है। आज हनुमान चालीसा का पाठ, सुंदरकांड का पाठ और "ॐ हनुमते नमः" मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना जाता है। मूल नक्षत्र आध्यात्मिक साधना और ईश्वर आराधना के लिए अनुकूल माना गया है।
🌺 आज का शुभ मंत्र
॥ ॐ हनुमते नमः ॥
आज का विचार
"सच्ची श्रद्धा और सकारात्मक कर्म ही जीवन की सबसे बड़ी सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं।"
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।