भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा या मांगलिक आयोजन से पहले पंचांग देखकर समय का चयन किया जाता है। आइए जानते हैं 1 जून 2026, सोमवार का पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और अन्य महत्वपूर्ण ज्योतिषीय जानकारी।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज सोमवार ज्येष्ठ कृष्ण प्रतिपदा तिथि है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 1 जून 2026, राहुकाल सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक।
1 जून 2026 का पंचांग
दिन: सोमवार
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
मास: ज्येष्ठ
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: प्रतिपदा सायं 04 बजकर 37 मिनट तक उपरांत द्वितीया तिथि का आरंभ।
नक्षत्र: मूल (प्रातः तक), इसके बाद पूर्वाषाढ़ा
योग: साध्य
करण: कौलव, तत्पश्चात तैतिल
चंद्र राशि: धनु
सूर्य राशि: वृषभ
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 5:22 बजे (लगभग)
सूर्यास्त: सायं 7:19 बजे (लगभग)
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:53 बजे से 12:48 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 3 बजकर 52 मिनट से 4 बजकर 38 मिनट तक
अमृत काल: प्रातः 09 बजकर 16 मिनट से प्रातः 11 बजकर 03 मिनट तक
अशुभ समय
राहुकाल: प्रातः 7:30 बजे से 9:00 बजे तक
यमगण्ड: प्रातः 10:30 बजे से 12:00 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 1:30 बजे से 3:00 बजे तक
आज का विशेष महत्व
सोमवार भगवान शिव की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर शिवलिंग का जलाभिषेक, रुद्राष्टक पाठ और "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जप विशेष फलदायी माना गया है।
आज का उपाय
भगवान शिव को जल में काले तिल मिलाकर अर्पित करें तथा बेलपत्र चढ़ाएं। इससे मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और कार्यों में सफलता प्राप्त होने की मान्यता है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।