धर्मशाला, 29 मई- जिला क्षय रोग प्रकोष्ठ कांगड़ा द्वारा आज “मिलेट्स एवं पोषण” विषय पर संगोष्ठी तथा निक्षय मित्र पहल के अंतर्गत टीबी के साथ जी रहे व्यक्तियों को पोषण किट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सीएमओ कार्यालय कांगड़ा, धर्मशाला के मीटिंग हॉल में किया गया।
यह कार्यक्रम तशविका फूड लिमिटेड की निदेशक साधवी पांडे के सहयोग से, रोटरी क्लब्स, इनर व्हील क्लब्स तथा साई सेवा समितियों, जिला कांगड़ा के संयुक्त प्रयासों से आयोजित किया गया। कार्यक्रम को जिला प्रशासन कांगड़ा का भी सक्रिय सहयोग एवं मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है, जिससे “टीबी मुक्त भारत अभियान” को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने में सहायता मिल रही है।
कार्यक्रम में मिलेट्स के पोषण महत्व, संतुलित आहार एवं टीबी रोगियों के बेहतर स्वास्थ्य में पोषण की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि मिलेट्स को “सुपरफूड” माना जाता है क्योंकि इनमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कैल्शियम, जिंक तथा आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, कमजोरी दूर करने तथा टीबी के साथ जी रहे व्यक्तियों की शीघ्र स्वास्थ्य लाभ एवं रिकवरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मिलेट्स आधारित संतुलित आहार टीबी मरीजों में ऊर्जा स्तर बनाए रखने तथा कुपोषण की समस्या को कम करने में भी सहायक है।
इस अवसर पर टीबी के साथ जी रहे 30 व्यक्तियों को मिलेट्स आधारित पोषण किट वितरित की गईं तथा निक्षय मित्र पहल के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा दिए जा रहे सहयोग की सराहना की गई।
कार्यक्रम में डॉ विवेक करोल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कांगड़ा तथा डॉ आर. के. सूद, जिला स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला क्षय रोग अधिकारी, कांगड़ा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि “टीबी मुक्त भारत अभियान” में सामाजिक एवं सामुदायिक संगठनों की भागीदारी अत्यंत प्रेरणादायक है।
उन्होंने विशेष रूप से साई सेवा समितियों, इनर व्हील क्लब्स तथा रोटरी क्लब्स के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ये संस्थाएं लगातार निक्षय मित्र पहल के अंतर्गत पोषण सहायता, जनजागरूकता, सामुदायिक सहयोग एवं सामाजिक समर्थन प्रदान कर टीबी उन्मूलन अभियान को मजबूत कर रही हैं। इनके सहयोग से टीबी के साथ जी रहे व्यक्तियों को न केवल पोषण सहायता मिल रही है बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश एवं सहयोग की भावना भी सुदृढ़ हो रही है।
इस कार्यक्रम में पोषण किट उपलब्ध करवाने में प्रमुख सहयोगकर्ताओं में अरविंद शर्मा, साई सेवा समिति धर्मशाला, एकमे (Acme) वेलफेयर फाउंडेशन तशविका फूड लिमिटेड की निदेशक साधवी पांडे, रोटरी क्लब धर्मशाला अध्यक्ष नन्दिनी थापा , सचिव रोटेरियन अजय शर्मा,
रोटेरियन विजय शर्मा, रोटेरियन के. जी. सूद, रोटेरियन डॉ वाई के डोगरा, रोटेरियन एस के चौहान, रोटेरियन ललिता शर्मा, रोटेरियन सुमन लूथरा , रोटेरियन तरुण, रोटेरियन अरुण पुरी साईं सेवा समिति से के सी सूद , विवेक कौल , इनरव्हील क्लब अध्यक्ष सविता तथा समाजसेवी अंजना का विशेष योगदान रहा। सभी सहयोगकर्ताओं के प्रति स्वास्थ्य विभाग एवं जिला क्षय रोग प्रकोष्ठ ने आभार व्यक्त किया।
डॉ आर. के. सूद ने जानकारी दी कि जिला कांगड़ा में वर्तमान में लगभग 850 टीबी के साथ जी रहे व्यक्तियों ने निक्षय मित्र पहल के अंतर्गत सहमति प्रदान की है, जिनमें से लगभग 350 व्यक्तियों को प्रतिमाह पोषण किट उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि शेष जरूरतमंद व्यक्तियों तक भी नियमित पोषण सहायता पहुंचाने के लिए और अधिक सामाजिक सहयोग एवं जनभागीदारी की आवश्यकता है। उन्होंने सभी सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, उद्योगों तथा आम नागरिकों से इस पुनीत अभियान से जुड़कर जीवन बचाने एवं “टीबी मुक्त भारत” के संकल्प को मजबूत करने की अपील की।