भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। 30 मई 2026, शनिवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। इस दिन ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि रहेगी और अधिक मास का प्रभाव भी बना रहेगा। पूजा-पाठ, व्रत और शुभ कार्यों के लिए पंचांग का विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं 30 मई 2026 का संपूर्ण पंचांग, शुभ मुहूर्त और राहुकाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शनिवार ज्येष्ठ शुक्ल चतुर्दशी है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 30 मई 2026, राहुकाल सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक।
30 मई 2026 पंचांग
वार: शनिवार
तिथि: चतुर्दशी दोपहर 11 बजकर 57 मिनट तक उपरांत पूर्णिमा तिथि का आरंभ।
पक्ष: शुक्ल पक्ष
मास: ज्येष्ठ (अधिक मास)
नक्षत्र: विशाखा
योग: शिव योग
करण: वणिज एवं विष्टि
अयन: उत्तरायण
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 5:24 बजे
सूर्यास्त: सायं 7:14 बजे
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:55 बजे से 12:48 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 4:03 बजे से 4:45 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: सायं 7:02 बजे से 7:24 बजे तक
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: प्रातः 9:00 बजे से 10:30 बजे तक
गुलिक काल सुबह 06:00 से 07:30 बजे तक रहेगा।
यमगंड दोपहर 01:30 से 03:30 बजे तक रहेगा।
धार्मिक महत्व
अधिक ज्येष्ठ मास की चतुर्दशी तिथि भगवान विष्णु और शिव पूजा के लिए शुभ मानी जाती है। इस दिन दान-पुण्य, मंत्र जाप और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष फल प्राप्त होता है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।